उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UPRERA) ने राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए 8 जिलों में 13 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है. इन प्रोजेक्ट्स के जरिए करीब 3,052.73 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 4,772 नए आवासीय व कमर्शियल यूनिट्स डेवलप किए जाएंगे. इससे न सिर्फ घर खरीदने वालों को नए विकल्प मिलेंगे, बल्कि राज्य में रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा.
यह फैसला यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में हुई 202वीं अथॉरिटी मीटिंग में लिया गया. बैठक में उन सभी प्रस्तावों की समीक्षा की गई, जिन्होंने रेरा के नियमों और कानूनी मानकों को पूरा किया था. इन प्रोजेक्ट्स में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी एनसीआर क्षेत्र की रही. गाजियाबाद निवेश और परियोजनाओं के मामले में सबसे आगे रहा, जहां 4 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई. इनमें 3 कमर्शियल और 1 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट शामिल हैं. इन परियोजनाओं में 1,936.72 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 2,199 यूनिट्स तैयार की जाएंगी.
नोएडा और ग्रेनो में बनेंगे 855 कमर्शियल यूनिट्स
वहीं नोएडा और ग्रेटर नोएडा वाले गौतमबुद्ध नगर जिले में 420.50 करोड़ रुपये की लागत वाले एक बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है. इस परियोजना के तहत 855 कमर्शियल यूनिट्स विकसित की जाएंगी. आगरा में दो रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. यहां 246.94 करोड़ रुपये के निवेश से 797 फ्लैट्स बनाए जाएंगे. जबकि लखनऊ में दो आवासीय परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है, जिनमें 216.14 करोड़ रुपये की लागत से 364 यूनिट्स तैयार होंगी.
वाराणसी और मथुरा में भी नए प्रोजेक्ट को मंजूरी
इसके अलावा प्रयागराज, बाराबंकी, वाराणसी और मथुरा में भी नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. प्रयागराज में 102.69 करोड़ रुपये की लागत वाला रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट पास हुआ है, जिसमें 241 यूनिट्स होंगी. बाराबंकी में 78.34 करोड़ रुपये की लागत से 104 यूनिट्स, वाराणसी में 41.12 करोड़ रुपये की लागत से 131 यूनिट्स और मथुरा में 10.28 करोड़ रुपये की लागत वाले कमर्शियल प्रोजेक्ट में 81 यूनिट्स विकसित की जाएंगी.
पैदा होंगे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर
यूपी रेरा का कहना है कि इन परियोजनाओं से राज्य में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे. कंस्ट्रक्शन मटेरियल, ट्रांसपोर्ट, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टर्स में भी तेजी आने की उम्मीद है. यूपी रेरा चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि अथॉरिटी सिर्फ समय पर मंजूरी देने पर ही नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट्स की सख्त मॉनिटरिंग पर भी ध्यान दे रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रमोटर्स और डेवलपर्स को तय समयसीमा और नियमों का पालन करना होगा, ताकि होम बायर्स के हित पूरी तरह सुरक्षित रह सकें.
आदित्य के. राणा