पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान और उत्तर प्रदेश के चर्चित एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा से जुड़ा एक मामला सामने आया है. एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें आईपीएस अजय पाल शर्मा जहांगीर खान के घर के बाहर खड़े होकर वहां के लोगों और जहांगीर के परिवार से ये कहते नजर आ रहे हैं कि जहांगीर को समझा देना, लोगों को धमकाना बंद कर दे. वरना अच्छे से उसकी खबर लेंगे. चुनाव आयोग ने IPS अजय पाल शर्मा को बंगाल चुनावों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. वीडियो वायरल होने के बाद और मीडिया में खबर लगने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव और TMC का बयान सामने आया है.
अखिलेश ने अजय पाल शर्मा को भाजपा का एजेंट बताया है. अखिलेश ने कहा कि अजय पाल शर्मा टेस्ट किए हुए एजेंट हैं. सही समय आने पर इनकी जांच होगी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा, ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं.
'हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे'
अखिलेश यादव ने X पर लिखा, 'प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जर्वर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किए हुए अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं. दीदी हैं, दीदी रहेंगी.' उन्होंने लिखा, 'सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे 'एजेंडों के एजेंटों' की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जांच होगी और बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी.'
'ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे'
अखिलेश ने लिखा, 'ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं. हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे. ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे और अपने कुकृत्यों के लिए कानूनी सजा भी पाएंगे. लोकतंत्र के अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे.'
TMC ने कुख्यात 'सिंघम' बताया
TMC ने अजय पाल शर्मा को कुख्यात 'सिंघम' बताया. साथ ही IPS अधिकारी को योगी आदित्यनाथ के पसंदीदा 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' बताया. TMC की ओर से बयान में कहा गया कि यह वही अधिकारी है जो अपने 'ठोक दो' वाले रवैये के लिए बदनाम है. उसका पिछला रिकॉर्ड तो और भी ज्यादा दागदार है.
'ये अधिकारी अपने 'ठोक दो' वाले रवैये के लिए बदनाम हैं'
तृणमूल कांग्रेस के X हैंडल से पोस्ट किया गया, 'उत्तर प्रदेश के कुख्यात 'सिंघम' और योगी आदित्यनाथ के पसंदीदा 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' अजय पाल को चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना के लिए पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. यह वही अधिकारी है जो अपने 'ठोक दो' वाले रवैये के लिए बदनाम है. उसका पिछला रिकॉर्ड तो और भी ज्यादा दागदार है.'
पदों के बदले पैसे' का आरोप
आगे लिखा गया, 'जनवरी 2020 में अजय पाल का रामपुर से उन्नाव के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में तबादला कर दिया गया. यह तबादला तब हुआ जब एक गंभीर रिपोर्ट में 'पदों के बदले पैसे' के एक घोटाले में उनका और पांच अन्य IPS अधिकारियों का नाम सामने आया. BJP सरकार को एक SIT गठित करने पर मजबूर होना पड़ा, जिसने उनके खिलाफ सतर्कता जांच की सिफारिश की.'
अजय पाल पर शादी छिपाने का आरोप
IPS अजय पाल शर्मा पर हमला बोलते हुए पोस्ट में लिखा गया, 'उनके खिलाफ आपराधिक विश्वास भंग, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में भी मामला दर्ज किया गया था. FIR एक 30 वर्षीय महिला की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसने आरोप लगाया था कि अजय पाल ने उससे शादी की, दूसरी महिलाओं के साथ अपने संबंधों को छिपाया, और बाद में जब वह अपनी शिकायतें लेकर DGP और वरिष्ठ अधिकारियों के पास गई, तो उसे ही फंसा दिया.'
चुनाव आयोग बंगाल के लिए इसी तरह के 'निष्पक्ष' पुलिस पर्यवेक्षकों को चुन रहा है. जाहिर है, अब इस पद के लिए भ्रष्ट और आपराधिक रिकॉर्ड ही मुख्य योग्यता बन गया है.
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