ISI के संदिग्ध आतंकी फिर रिमांड पर लिए गए, यूपी एटीएस करेगी पूछताछ, लखनऊ में रची थी बड़ी साजिश

आईएसआई के इशारे पर रेलवे ट्रैक सिग्नल बॉक्स उड़ाने की साजिश रचने वाले चारों संदिग्ध आतंकी फिर रिमांड पर लिए गए हैं. यूपी एटीएस ने 2 अप्रैल को लखनऊ से साकिब, अरबाब, विकास और लोकेश को अरेस्ट किया था. आज से 3 मई तक इन चारों संदिग्धों से एटीएस पूछताछ करेगी.

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लखनऊ के आलमनगर रेलवे स्टेशन के पास से एटीएस ने 2 अप्रैल को किया था अरेस्ट. (File Photo: ITG) लखनऊ के आलमनगर रेलवे स्टेशन के पास से एटीएस ने 2 अप्रैल को किया था अरेस्ट. (File Photo: ITG)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 30 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:34 AM IST

उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने आईएसआई से जुड़े मॉड्यूल के चार संदिग्ध आरोपियों को एक बार फिर पुलिस ने रिमांड पर लिया है. ये चारों आरोपी रेलवे ट्रैक के सिग्नल बॉक्स उड़ाने और बड़े शहरों में वाहन शोरूम में आगजनी की साजिश रचने के आरोप में पकड़े गए थे. एटीएस अब इनसे दोबारा गहन पूछताछ करेगी.

एटीएस ने मेरठ के रहने वाले साकिब और अरबाब के साथ ही नोएडा के रहने वाले विकास व लोकेश को 2 अप्रैल को लखनऊ के आलमनगर रेलवे स्टेशन के पास अरेस्ट किया था. जांच एजेंसी के मुताबिक, चारों आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर देश में बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में थे.

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पहली रिमांड के दौरान एटीएस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे. इन्हीं नए तथ्यों के आधार पर एटीएस ने कोर्ट से दोबारा पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी, जिसे मंजूरी मिल गई. अब चारों आरोपियों को 30 अप्रैल से 3 मई तक एटीएस की हिरासत में रखा जाएगा.

यह भी पढ़ें: UP ATS का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान से सीधे जुड़े थे लखनऊ के संदिग्ध आतंकी, QR कोड से आए थे पैसे

शुरुआती जांच में सामने आया था कि आरोपी रेलवे ट्रैक के सिग्नल बॉक्स को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे. इसके अलावा, बड़े शहरों में कार शोरूम में आग लगाने की साजिश भी रची जा रही थी. जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस मॉड्यूल के तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं.

एटीएस अब दोबारा रिमांड के दौरान यह जानने की कोशिश करेगी कि आरोपियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे. साथ ही, उन्हें फंडिंग कहां से मिली, साजिश की पूरी प्लानिंग क्या थी और देश में किन-किन जगहों को निशाना बनाया जाना था.

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जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि आरोपियों ने अब तक कितनी रेकी की थी. पहली पूछताछ में मिले डिजिटल साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों की भी अब आरोपियों से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा. एटीएस अधिकारियों का मानना है कि दूसरी रिमांड से इस पूरे नेटवर्क के कई और राज खुल सकते हैं. फिलहाल चारों आरोपी एटीएस की कस्टडी में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है.

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