UP में बेमौसम बारिश-ओलों ने मचाई तबाही! फसलों को नुकसान, जानें अलग-अलग जिलों का हाल

अप्रैल में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, अलीगढ़, पीलीभीत, लखीमपुर, आगरा, एटा, कासगंज और फिरोजाबाद जैसे जिलों में अचानक हुई बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है. किसानों की मेहनत पर पानी फेरते हुए इस बारिश ने उनकी आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है.

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बारिश नें मचाई तबाही (Photo-PTI) बारिश नें मचाई तबाही (Photo-PTI)

उदय गुप्ता / अकरम खान / पंकज श्रीवास्तव / सौरभ पांडे / मयंक शुक्ला / नितिन उपाध्याय / देवेश पाल सिंह / सुधीर शर्मा / अभिषेक वर्मा

  • चंदौली/अलीगढ़/प्रयागराज/पीलीभीत/अयोध्या/आगरा/एटा/फिरोजाबाद/लखीमपुर,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:44 AM IST

यूं तो गर्मी की शुरुआत काफी दिन पहले हो गई थी लेकिन अप्रैल के महीने में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने एक तरफ जहां लोगों को चढ़ते हुए पारे से राहत दी है. वहीं दूसरी तरफ बेमौसम की बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी से फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, लखीमपुर, पीलीभीत, बरेली, कासगंज और एटा सहित कई जिलों मे इस बेमौसम बरसात ने अन्नदाताओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. खासकर इस बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को काफी नुकसान होने की खबरे आ रही हैं. आइये जानते हैं, इस बेमौसम बरसात ने कहां-कहां कहर बरपाया है.

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अलीगढ़ में बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी !
अलीगढ़ में दो दिन हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. एक तरफ जहां पकी हुई फसल को तेज आंधी के बाद आई बारिश ने चौपट कर दिया. वहीं खेतों में कटी हुई फसल भी पूरी तरह पानी में भीग गई है. किसानों को इस बार मौसम की मार ने काफी प्रभावित किया है. यही नहीं, जिन किसानों ने खेतों से गेंहू काटकर मंडी में रखवाया था, वहां भी तेज हुई बारिश की वजह से उनका गेंहू भीग गया. इस वजह से मंडी के आढ़तियों की भी हालत दयनीय बन गई है. किसान राधेश्याम ने बताया गेंहू की फसल से बहुत उम्मीद थी लेकिन बारिश ने सब उम्मीदों पर पानी फेर दिया. अब नहीं पता लागत भी कैसे निकलेगी. बहुत ही बड़ा आर्थिक नुकसान हमें हो गया है. पिसावा इलाके के किसान रामसिंह ने कहा कर्ज़ लेकर बहुत मेहनत करने के बाद गेंहू की फसल लगाई थी. उनको उम्मीद थी कि इस बार कर्ज़ चुक जाएगा, लेकिन उल्टा इस बार भी कर्ज़ में डूब गए.

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प्रयागराज में भी आंधी तूफान, बारिश से गेहूं की फसल खराब
प्रयागराज में भी आंधी तूफ़ान और बारिश का असर देखने को मिला है. किसानों की कई बीघा गेहूं की फसल खराब हो गई है. जिले के करछना, मेजा, फूलपुर और अन्य ग्रामीण इलाकों में देर रात तेज़ आंधी के साथ बारिश हुई, जिसमें गेहूं की कटी फसल बर्बाद हो गई. वहीं खेतों में खड़ा गेहूं तेज़ हवा के कारण बैठ गया. कई किसानों ने गेहूं की फसल काटकर गट्ठर बना लिया था. लेकिन तेज हवा कारण दूसरे के खेतों में उड़ कर चले गए. किसान राम सजीवन ने दो बीघे जमीन पर गेहूं की फसल बोई थी और उसको काट कर अपने खेत मे रख दिया था. लेकिन रात में ही ऐसी आंधी और बारिश हुई जिससे उनकी फसल भीग गई. उठाने का मौका भी नहीं मिला, जिससे उनको नुकसान हुआ. वहीं भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष किसान नेता अनुज सिंह के मुताबिक, इस बेमौसम बारिश से किसानों को बहुत नुकसान हुआ है, उन्होंने मांग की है कि इसका उचित मुआवजा सरकार को देना चाहिए.

पीलीभीत में आंधी-बारिश का कहर, गेहूं की फसल को भारी नुकसान
पीलीभीत में मंगलवार की रात से ही मौसम ने अचानक करवट ले ली. तेज आंधी के साथ शुरू हुई हवाओं ने दिन निकलते-निकलते मूसलाधार बारिश का रूप ले लिया. इस बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर तराई क्षेत्र के किसानों पर पड़ा है. जहां गेहूं की तैयार फसल को भारी नुकसान हुआ है. कई किसानों की कटी हुई फसल खेतों में भीग गई और जमीन पर बिछ गई है. जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है. वहीं जो किसान अपना गेहूं काटकर सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने पहुंचे थे. उन्हें भी बारिश के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और उनका गेहूं भी भीग गया. जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि नुकसान का सही आकलन करने के लिए लेखपाल और तहसीलदार स्तर पर सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, इस तेज बारिश से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश चिंता और नुकसान का कारण बन गई है.

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अयोध्या में भी बारिश नें मचाई तबाही
बुधवार को अयोध्या जिले में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तेज़ आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश के साथ दस्तक दी. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मौसम के इस बदलाव ने चिलचिलाती गर्मी से राहत दिलाई और लोगों को सुकून भरा अहसास कराया. ठंडी हवाओं के तेज़ झोंकों ने तापमान में गिरावट ला दी, जिससे वातावरण सुहावना हो गया. हालांकि, जहां एक ओर आम जनजीवन को इस बदले मौसम से राहत मिली. वहीं, दूसरी ओर किसानों की चिंता बढ़ गई है. तेज़ हवाओं और बूंदाबांदी के चलते खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका गहरा गई है. मौसम की यह अनिश्चितता कृषि क्षेत्र के लिए नई चुनौती बनकर उभरी है. मायाबाजार क्षेत्र के किसान करुणेश प्रताप सिंह ने बताया कि अचानक हुई बारिश और तेज़ हवा के कारण उनकी फसलों को हल्का-फुल्का नुकसान उठाना पड़ा है. उन्होंने कहा कि यदि ऐसे हालात बने रहे, तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम का यह रुख यदि जारी रहा तो फसलों की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. ऐसे में किसानों के लिए सतर्क रहने और आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है.

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आगरा में भी फसल को हुआ नुकसान
आगरा के फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. खेतों में खड़ी गेहूं और सब्जियों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे अन्नदाताओं के सामने आजीविका का गहरा संकट खड़ा हो गया है. इसको लेकर सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि फतेहपुर सीकरी बाह फतेहाबाद खेरागढ़ आगरा ग्रामीण विधानसभाओं में किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं. किसानों की ऋण वसूली स्थगित कर दी जाये व बिजली बिल की वसूली भी स्थगित की जाए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद राजकुमार चाहर ने जिलाधिकारी से मुलाक़ात कर प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है. उन्होंने प्रशासन से कहा है कि नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें.

एटा और कासगंज मे भी बर्बाद हुई फसल
एटा और कासगंज जिले में लगातार हो रही तेज वर्षा और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. इन दोनों जनपदों में सैकड़ो बीघा में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल को हुआ है, जो खेतों में गिरकर बिछ गई है. वहीं सरसों की फसल भी भारी तबाही की चपेट में आ गई है. जनपद एटा से अवागड़ के किसान अंकुर सिंह ने बताया कि लगातार हो रही वर्षा ने गेंहूं की फसल की कमर तोड़ दी है. ऊपर से औलाब्रष्टि ने खड़ी फसल को खेत में बिछा दिया है, जिससे फसल सड़ने की संभावना बढ़ गयी है. हमारा बहुत आर्थिक नुकसान हुआ है लेकिन योगी जी ने जो मुआवजा देने के निर्देश दिए है उससे थोड़ी उम्मीद बनी है.

वहीं जनपद कासगंज के किसानों की स्थिति भी कोई जुदा नहीं है. यहां जिन किसानों ने गेहूं की कटाई कर ली थी, उनकी फसल भी खेतों में पानी भरने से खराब हो गई. सरसों की फसल भी ओलावृष्टि से गिर गई. जिससे किसानों के सामने दोहरा संकट खड़ा हो गया है. जनपद कासगंज के किसान देवेन्द्र सिंह ने बताया कि उनकी गेंहूं की फसल के साथ मक्का की फसल भी बर्बाद हुई है. गेंहू की कटाई के बाद फसल वर्षा के पानी में डूब गई, वहीं मक्का की फसल ओला गिरने से खराब हो गई. किसान इस समय प्रकृति की दोहरी मार से गुजर रहा है. अब किसान अपनी बर्बाद फसलों के मुआवजे के लिए सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं.

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फिरोजाबाद में ओलावृष्टि और बारिश से रबी फसलें प्रभावित, किसान चिंतित
फिरोजाबाद जनपद के नारखी ब्लॉक क्षेत्र में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अचानक बदले मौसम के चलते कई गांवों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है. जानकारी के अनुसार, ब्लॉक नारखी के कनवार, भून नागरिया, रैमजा सहित आसपास के कई गांवों में बारिश के साथ ओले गिरे. इस दौरान खेतों में खड़ी रबी की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. खासकर गेहूं समेत अन्य फसलों को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है. स्थानीय किसान महेश चंद ने बताया कि उनकी फसल पकने की अवस्था में थी, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया. किसानों का कहना है कि यदि जल्द सर्वे कराकर मुआवजा नहीं दिया गया,तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.

लखीमपुर में ओलावृष्टि, फसल बर्बाद!
लखीमपुर खीरी जिले में हुई भारी बारिश के साथ गिरे ओलों से खेतों में लगी गेहूं की खड़ी फसल गिरकर बर्बाद हो गई. लखीमपुर के लाहौरीनगर गांव के रहने वाले किसान अजय कुमार ने बताया कि बारिश हुई और ओले भी खूब गिरे, जिससे गेहूं की फसल खराब हो गई है. अभी हमारी फसल काटने वाली थी, अब भरपाई कैसे होगी.. सब भगवान भरोसे है. किसान के बेटे आर्यन ने बताया कि हमारे गेहूं की फसल पूरी बर्बाद हो गई है सरकार से बस हमारी इतनी मांग है कि इसका मुआवजा किसानों को दिया जाए. किसान वीरपाल ने बताया , बरसात में गेहूं गिर गए हैं. बस यह फसल कटने वाली थी. सरकार से इसका मुआवजा मिल जाए तो अच्छी बात है. फसल कटने से पहले ही गिर गई.

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