मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल सोमवार को अपने ही अपहरण मामले में मेरठ कोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने आरोपियों की पहचान की. इस दौरान उनके साथ उनके वकील और दोस्त भी मौजूद रहे. कोर्ट ने उन्हें पहचान के लिए तलब किया था, जिसके बाद उन्होंने पेश होकर प्रक्रिया पूरी की. दरअसल, यह मामला दिसंबर 2024 का है, जब नेशनल हाईवे 58 से सुनील पाल के अपहरण का आरोप लगा था. जानकारी के अनुसार, उन्हें हरिद्वार में एक इवेंट के बहाने बुलाया गया और वहां से उनका अपहरण कर लिया गया था. आरोप है कि बदमाशों ने उन्हें करीब 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा.
बताया गया कि अपहरण के बाद बदमाशों ने पहले 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी, लेकिन बाद में यह रकम 8 लाख रुपये पर तय हुई. इसके बाद पैसे ट्रांसफर किए गए और सुनील पाल को छोड़ दिया गया. बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद वह सीधे मुंबई पहुंचे और अपने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद उनकी पत्नी ने मामले में एफआईआर दर्ज कराई, जिसे बाद में मेरठ ट्रांसफर कर दिया गया. इस केस की गूंज लखनऊ तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और बिजनौर में एक के बाद एक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. मुख्य आरोपी अर्जुन करणपाल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था.
एनएच-58 से अपहरण, 24 घंटे तक बंधक रखा गया
सोमवार को मेरठ कोर्ट में सुनील पाल ने दो आरोपियों की पहचान की. उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि इन दोनों से जुड़ी एक सीसीटीवी फुटेज उनके पास है, जिसमें वो मेरठ के एक सर्राफ की दुकान से कुछ खरीदते हुए नजर आ रहे हैं. सुनील पाल ने कहा कि इस घटना को वह अब तक नहीं भूल पाए हैं. उन्होंने बताया कि इस वारदात के बाद वह काफी डरे हुए हैं और लंबे समय तक डिप्रेशन में रहे. उनकी तबीयत भी खराब हो गई और उनका वजन भी करीब 10 किलो कम हो गया.
घटना के बाद डिप्रेशन और सेहत पर पड़ा असर
उन्होंने बताया कि अब भी वह जब कहीं बाहर जाते हैं, खासकर प्राइवेट टैक्सी से सफर करते समय, तो अपने दोस्त को लगातार अपनी लोकेशन और जानकारी देते रहते हैं. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए कोई सामान्य घटना नहीं थी और इसका असर उनकी जिंदगी और काम दोनों पर पड़ा है. सुनील पाल ने यह भी बताया कि उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया था और उन्हें एक ऑपरेशन भी कराना पड़ा. सेहत खराब होने की वजह से उनके काम पर भी असर पड़ा है और उन्हें काम मिलने में दिक्कत हो रही है. आखिर में उन्होंने मेरठ पुलिस, कानून व्यवस्था और उत्तर प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने माहौल हल्का करने के लिए एक जोक भी सुनाया और अपनी बात खत्म की.
उस्मान चौधरी