समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के परिवार से जुड़ी दुखद खबर सामने आई है. अखिलेश के सौतेले भाई प्रतीक यादव की अचानक मौत हो गई है. प्रतीक की मौत को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. सपा सचिव कमलापति ने इस मामले की जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि आखिर प्रतीक की मौत कैसे हुई, इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रतीक नेताजी के लाल थे और उनकी अचानक मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है.
दरअसल, लखनऊ में आज मंगलवार की सुबह प्रतीक यादव को सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार जब उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं. अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि प्रतीक को मृत हालत में लाया गया था. डॉक्टरों ने बताया कि सुबह करीब 5 बजकर 55 मिनट पर उन्हें अस्पताल लाया गया था.
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अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, जब परिवार के सदस्य उन्हें लेकर पहुंचे, उस समय उनकी पल्स नहीं चल रही थी. डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद परिवार की सहमति और पुलिस प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी भेज दिया गया. डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले मौत के कारणों पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.
समाजवादी पार्टी के सचिव कमलापति ने इस घटना पर कहा कि प्रतीक की मौत अचानक हुई है और ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आखिर क्या वजह रही कि एक युवा व्यक्ति की अचानक जान चली गई. यह स्पष्ट होना चाहिए.
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फिलहाल डॉक्टर भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कह रहे हैं. ऐसे में अब सभी की नजर मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि प्रतीक यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई. फिलहाल, परिवार, करीबी और समर्थकों के बीच शोक का माहौल है, वहीं समाजवादी पार्टी ने इस घटना पर दुख जताया है.
प्रतीक यादव, सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे. वे राजनीति से दूर थे और सार्वजनिक जीवन में कम नजर आते थे. प्रतीक ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी. इसके बाद उन्होंने रियल एस्टेट और फिटनेस सेक्टर में अपना बिजनेस शुरू किया. लखनऊ में उनका 'द फिटनेस प्लानेट' नाम से जिम था. साथ ही वे ‘जीव आश्रय’ नाम की संस्था भी चलाते थे, जो पशु संरक्षण से जुड़ी थी.
प्रतीक यादव की मौत के बाद पोस्टमार्टम 3 से 5 डॉक्टरों के पैनल की निगरानी में किया जा रहा है. यह प्रक्रिया डॉक्टर मौसमी सिंह के नेतृत्व में चल रही है. फॉरेंसिक मामलों के विशेषज्ञ डॉक्टर अनूप कुमार रायपुरिया और डॉक्टर फातिमा हर्षा भी मौजूद हैं. पोस्टमार्टम से पहले प्रतीक के चेस्ट का एक्स-रे कराने की भी तैयारी की गई. पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई जा रही है.
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं. इस दौरान अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट और परिवार के अन्य सदस्य भी वहां मौजूद थे. बताया जा रहा है कि प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव घटना के समय लखनऊ से बाहर थीं. वे खबर मिलने के बाद वापस लौट रही हैं.
आशीष श्रीवास्तव