संभल में मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन को लेकर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक पिंकी यादव ने सरकार को घेरा है. जिसको लेकर बर्क ने एक पोस्ट भी किया है. उन्होंने लिखा कि जुल्म की इंतेहा हो गई! लाख कोशिशों, गुज़ारिशों और कानूनी प्रयासों के बावजूद संभल प्रशासन द्वारा कसेरवा गांव में मस्जिद को शहीद कर दिया गया. ऐसा महसूस होता है अधिकारियों द्वारा आंखों पर पट्टी बांधकर एक तय निशाने के साथ कार्रवाई की जा रही है.
यह कार्रवाई कई गंभीर सवाल खड़े करती है. जब लोगों की फरियाद, कानूनी दलीलें भी न सुनी जाएं, तो इंसाफ़ पर भरोसा कमजोर पड़ने लगता है. याद रखिए, भारत का संविधान किसी को भी कानून से ऊपर होने की इजाज़त नहीं देता. यह मुल्क किसी व्यक्ति, दल या सत्ता की जागीर नहीं है. मस्जिद के शहीद किए जाने के बाद पूरे गांव में ग़म, दर्द और मातम का माहौल है. मां-बहनों की आंखें अश्कबार हैं, बच्चे सहमे हुए हैं और हर दिल इस मंज़र को देखकर दुखी है.
अगर किसी को यह लगता है कि ताकत के दम पर लोगों की आवाज़ दबा दी जाएगी, तो यह उसकी गलतफहमी है. नाइंसाफी के खिलाफ यह आवाज़ हर हाल में बुलंद होती रहेगी.
SP विधायक पिंकी यादव ने भी जताई नाराजगी
पिंकी यादव ने एक्स पर किए एक पोस्ट में लिखा कि संभल में मस्जिद पर बुलडोजर चलाकर प्रदेश की वर्तमान बीजेपी सरकार ने जिस प्रकार प्रायोजित ढंग से एक विशेष समुदाय, खासकर एवं PDA समाज को निशाना बनाने व परेशान करने का वातावरण बनाया है, वह अत्यंत चिंताजनक है. मस्जिदों और दरगाहों पर आए दिन बुलडोज़र की कार्रवाई हो रही है.
यह केवल भवनों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास और सद्भाव पर भी आघात है. संविधान ने सभी नागरिकों को अपने धर्म के पालन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार दिया है. लेकिन यह कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है. आपको बता दें कि बीते दिन कसेरुआ गांव में कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद पर बुलडोजर चला था. इस दौरान गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया था.
अभिनव माथुर