दो बेटियां घर छोड़ गईं, तीसरी भी करती थी लड़के से बात... ट्रेन के बक्से में मिले शव की खुली मिस्ट्री

लखनऊ के गोमती नगर स्टेशन पर ट्रेन के कोच में मिले युवती के शव के टुकड़ों का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. कुशीनगर निवासी पिता बिग्गन अंसारी ने अपनी 15 वर्षीय बेटी की हत्या कर शव के टुकड़े ट्रेन में रख दिए थे. आरोपी को डर था कि उसकी तीसरी बेटी भी दो बड़ी बेटियों की तरह घर छोड़ देगी. सीसीटीवी फुटेज और रेलवे जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया.

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ट्रेन के अंदर इसी बक्से में लड़की की लाश मिली थी (Photo:ITG) ट्रेन के अंदर इसी बक्से में लड़की की लाश मिली थी (Photo:ITG)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:44 AM IST

लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के कोच में मिले टिन के बक्से ने जिस रहस्य को जन्म दिया था, उसका खुलासा अब दिल दहला देने वाला साबित हुआ है. पुलिस जांच में सामने आया है कि बक्से में मिले युवती के शव के टुकड़े किसी गैंगवार, सीरियल किलिंग या एक तरफा प्यार का हिस्सा नहीं थे, बल्कि यह एक पिता के डर, गुस्से और तथाकथित इज्जत से जुड़ी सोच का नतीजा था.

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कुशीनगर के रहने वाले बिग्गन अंसारी को डर था कि उसकी तीसरी बेटी भी कहीं घर छोड़कर न चली जाए. पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसकी दो बेटियां पहले ही घर छोड़ चुकी थीं. अब 15 साल की बेटी शब्बा का दूसरे समुदाय के युवक से फोन पर बात करना उसे लगातार परेशान कर रहा था. इसी डर ने उसे इतना बेरहम बना दिया कि उसने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी, फिर शव के टुकड़े कर ट्रेन में फेंकने की साजिश रच डाली.

ट्रेन के कोच में मिला था खौफनाक मंजर

17 मई को छपरा-गोमती नगर एक्सप्रेस लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पहुंची थी. ट्रेन के S1 कोच में एक टिन का बक्सा लावारिस हालत में पड़ा मिला. पहले लोगों को लगा कि किसी यात्री का सामान होगा, लेकिन जब बक्सा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर हर कोई दहल गया. बक्से में सलवार-सूट पहने एक किशोरी का धड़ रखा था. पास में मौजूद एक थैले में कटे हुए हाथ और पैर मिले. युवती का सिर गायब था. सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची. पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई. शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो पाई थी. पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर इतनी बेरहमी से हत्या किसने की और शव को ट्रेन तक कैसे पहुंचाया गया.

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CCTV फुटेज से खुला पहला राज

लखनऊ जीआरपी ने जांच शुरू की तो ट्रेन के पूरे रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. कई घंटों की पड़ताल के बाद पुलिस को कुशीनगर के तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पर अहम सुराग मिला. फुटेज में तीन लोग एक बड़ा टिन का बक्सा और एक थैला लेकर ट्रेन के स्लीपर कोच में रखते दिखाई दिए. कुछ ही देर बाद वही लोग बगल के एसी कोच से उतरते नजर आए. यहीं से पुलिस को शक हुआ कि मामला सामान्य नहीं है. जांच में उन तीनों की पहचान कुशीनगर के शिवरही निवासी बिग्गन अंसारी, उसकी बहन नूरजहां और बहनोई मुजीबुल्ला के रूप में हुई.

पूछताछ में सामने आई खौफनाक कहानी

पुलिस ने बिग्गन अंसारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. पहले तो वह लगातार गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में टूट गया. उसने जो कहानी बताई, उसने पुलिस अधिकारियों तक को हैरान कर दिया. पूछताछ में उसने बताया कि उसकी 15 वर्षीय बेटी शब्बा मोबाइल फोन पर दूसरे समुदाय के एक युवक से बात करती थी. उसे यह रिश्ता मंजूर नहीं था. उसने कई बार बेटी को समझाया, डांटा और चेतावनी भी दी, लेकिन लड़की ने बातचीत बंद नहीं की. इसी बात को लेकर घर में तनाव बढ़ता गया.

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दो बेटियां पहले ही जा चुकी थीं

जांच में सबसे चौंकाने वाला पहलू यही सामने आया. आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी दो बेटियां पहले ही घर छोड़कर जा चुकी थीं. इस वजह से वह पहले से ही समाज और रिश्तेदारों के तानों से परेशान था. उसे डर था कि अब तीसरी बेटी भी कहीं वही रास्ता न अपना ले. गांव में बदनामी और लोगों की बातें उसके दिमाग पर लगातार असर डाल रही थीं. धीरे-धीरे यह डर गुस्से में बदल गया और उसने बेटी को समस्या मानना शुरू कर दिया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इसी मानसिकता ने उसे इतना कठोर बना दिया कि उसने बेटी की हत्या का फैसला कर लिया.

हत्या से पहले घर खाली कराया

जांच में सामने आया कि बिग्गन अंसारी ने हत्या की साजिश पहले से तैयार की थी. उसने अपनी पत्नी और दोनों बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया ताकि घर में कोई मौजूद न रहे. 16 मई को उसने अपनी बहन नूरजहां और बहनोई मुजीबुल्ला को घर बुलाया. फिर तीनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई. पुलिस का कहना है कि मामला अचानक हुए गुस्से का नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ की गई हत्या का है. पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने अपनी बेटी की हत्या कर दी. इसके बाद पहचान छिपाने और शव को आसानी से ठिकाने लगाने के लिए उसके टुकड़े किए गए. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि लड़की का सिर अलग कर गांव के तालाब में फेंक दिया गया. धड़ को टिन के बक्से में रखा गया, जबकि हाथ और पैर एक अलग थैले में भर दिए गए. इस पूरी वारदात ने पुलिस अधिकारियों तक को झकझोर दिया.

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ट्रेन में ऐसे छोड़ा शव

हत्या के बाद आरोपी पिता अपनी बहन और बहनोई के साथ घर से करीब चार किलोमीटर दूर तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचा. तीनों ने छपरा-गोमती नगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में बक्सा और थैला रख दिया. इसके बाद वे बगल के एसी कोच से नीचे उतर गए ताकि किसी को उन पर शक न हो. ट्रेन चल पड़ी और शव से भरा बक्सा कई स्टेशनों को पार करता हुआ लखनऊ पहुंच गया. आरोपियों को लगा था कि शव की पहचान कभी नहीं हो पाएगी, लेकिन सीसीटीवी कैमरों ने पूरी साजिश खोल दी. शव के टुकड़े किए जा चुके थे और सिर गायब था. ऐसे में युवती की पहचान करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया था. लेकिन रेलवे स्टेशनों की फुटेज और संदिग्ध गतिविधियों ने धीरे-धीरे पूरा मामला साफ कर दिया. जैसे ही पुलिस संदिग्धों तक पहुंची, हत्या की गुत्थी सुलझने लगी. अब पुलिस तालाब से युवती का सिर बरामद करने की कोशिश कर रही है ताकि सबूत और मजबूत किए जा सकें.

गांव में पसरा सन्नाटा

घटना सामने आने के बाद शिवरही इलाके में सन्नाटा है. गांव के लोग भी इस वारदात से हैरान हैं. किसी को भरोसा नहीं हो रहा कि एक पिता अपनी बेटी के साथ इतनी बेरहमी कर सकता है. स्थानीय लोगों के मुताबिक परिवार पिछले कुछ समय से तनाव में था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि मामला इतनी भयावह घटना में बदल जाएगा. फिलहाल जीआरपी ने मुख्य आरोपी बिग्गन अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है. उसकी बहन और बहनोई की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इस केस की चार्जशीट जल्द तैयार की जाएगी. 

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