'गंदे कपड़े' पर डांट और खत्म हो गई जिंदगी! टीचर की फटकार से आहत छात्रा ने लगाई फांसी

कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बेहटा रामपुर में कक्षा 5 की छात्रा ने शिक्षिका की फटकार से आहत होकर घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. छात्रा गंदे कपड़े पहनकर स्कूल पहुंची थी, जिस पर डांट पड़ी. घटना के बाद ग्रामीणों ने शव स्कूल में रखकर हंगामा किया और कार्रवाई की मांग की.

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स्कूल में शव रखकर ग्रामीणों का हंगामा.(Photo: Neeraj Srivastava/ITG) स्कूल में शव रखकर ग्रामीणों का हंगामा.(Photo: Neeraj Srivastava/ITG)

नीरज श्रीवास्तव

  • कन्नौज,
  • 29 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:49 PM IST

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. गंदे कपड़े पहनकर स्कूल आने पर शिक्षिका की डांट से आहत कक्षा 5 की छात्रा ने घर लौटकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया.

दरअसल, यह मामला सौरिख थाना क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बेहटा रामपुर का है. शनिवार सुबह की इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की मानसिक स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

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बताया गया कि अजय कुमार बाथम की दो बेटियां निधि (कक्षा 5) और नेहा (कक्षा 3) प्रतिदिन की तरह स्कूल पहुंची थीं. सुबह प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों की साफ-सफाई की जांच की जा रही थी, तभी शिक्षिका ने छात्रा को डांट दिया.

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शिक्षिका की डांट से आहत बच्ची

आरोप है कि विद्यालय की एक महिला अध्यापिका ने दोनों बच्चियों को गंदे कपड़े पहनकर आने और साफ-सफाई न रखने पर डांट-फटकार लगाई और उन्हें हिदायत दी. डांट से आहत दोनों बहनें रोते हुए घर लौटीं और अपनी मां को पूरी बात बताई.

परिजनों के अनुसार, घटना के बाद बड़ी बहन निधि बेहद दुखी हो गई थी. कुछ ही देर बाद उसने घर के बरामदे में कुर्सी पर खड़े होकर लाल साड़ी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली. यह दृश्य देखते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में खबर फैल गई.

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घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक और गुस्से की लहर दौड़ गई. परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए और विरोध शुरू हो गया.

ग्रामीणों का हंगामा और प्रदर्शन

सैकड़ों ग्रामीणों ने छात्रा का शव स्कूल परिसर में रखकर प्रदर्शन किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया और स्थिति संभालने के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा.

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू करने की कोशिश की. मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक और छिबरामऊ के एसडीएम भी पहुंचे.

अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पूरे इलाके में इस घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश बना हुआ है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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