झांसी: चतुर्भुज पाल की मौत का जिम्मेदार कौन? अस्थियां गले में टांगकर कलेक्ट्रेट पहुंचा छोटा भाई, लगाई इंसाफ की गुहार

यूपी के झांसी में सरकारी हैंडपंप में अवैध सबमर्सिबल के करंट से चतुर्भुज पाल की मौत हो गई. पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार न करने और उल्टा पीड़ित परिवार पर ही केस दर्ज करने से नाराज भाई सियाराम पाल इंसाफ के लिए मृतक की अस्थियां गले में टांगकर कलेक्ट्रेट पहुंचे.

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बड़े भाई की अस्थियां गले में टांगकर छोटे भाई ने लगाई न्याय की गुहार (Photo- ITG) बड़े भाई की अस्थियां गले में टांगकर छोटे भाई ने लगाई न्याय की गुहार (Photo- ITG)

अजय झा

  • झांसी ,
  • 28 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:05 AM IST

यूपी के झांसी में एक दर्दनाक हादसे के बाद इंसाफ की लड़ाई अब प्रशासनिक दफ्तरों तक पहुंच गई है. बुधवार को जिले के टोड़ीफतेहपुर थाना क्षेत्र के विक्रमपुरा सानी गांव निवासी सियाराम पाल अपने बड़े भाई चतुर्भुज पाल की अस्थियां गले में टांगकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए. उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी थे. सबने मिलकर अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई. परिवार का आरोप है कि गांव के सरकारी हैंडपंप में अवैध रूप से सबमर्सिबल पंप जोड़ने की वजह से उसमें करंट उतर आया, जिससे चतुर्भुज की मौत हो गई.

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पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने पहले मुकदमा दर्ज करने में लापरवाही की और अब एफआईआर होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही. उल्टा न्याय की मांग को लेकर सड़क जाम करने पर परिवार के लोगों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया. परिवार का आरोप है कि आरोपी गांव में घुसने नहीं दे रहे और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं. इसी डर और नाराजगी के बीच परिवार अस्थियां लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा और सुरक्षा के साथ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की.

जानकारी के मुताबिक, 23 मई को विक्रमपुरा सानी गांव निवासी चतुर्भुज पाल गांव के सरकारी हैंडपंप पर पानी पीने गए थे. आरोप है कि उसी समय गांव के अनिल पटेल और पृथ्वी सिंह पटेल ने अपने घर से सबमर्सिबल मोटर चालू कर दी. परिजनों के अनुसार सरकारी हैंडपंप में अवैध तरीके से सबमर्सिबल डाला गया था, जिसकी वजह से हैंडपंप में करंट उतर आया और चतुर्भुज पाल गंभीर रूप से झुलस गए. आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत गुरसराय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

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घटना के बाद परिवार जब थाना टोड़ीफतेहपुर पहुंचा तो आरोप है कि पुलिस ने तुरंत रिपोर्ट दर्ज नहीं की. पूरे दिन थाने में बैठाने के बाद शाम करीब 7 बजे मुकदमा दर्ज किया गया. इससे नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने मऊरानीपुर-गुरसराय मार्ग पर जाम लगा दिया था. करीब दो घंटे तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. बाद में पुलिस अधिकारियों के आश्वासन और मुकदमा दर्ज होने के बाद जाम समाप्त कराया गया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.

हंगामे के बाद पुलिस ने आरोपी अनिल पटेल और पृथ्वी सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. हालांकि, परिजनों का आरोप है कि अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. इससे आरोपियों के हौसले बढ़ गए हैं और वे लगातार धमकी दे रहे हैं. परिवार का कहना है कि वह धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अस्थि विसर्जन करना चाहता है, लेकिन गांव में प्रवेश तक नहीं करने दिया जा रहा.

पीड़ित के भाई सियाराम पाल ने बताया कि उनके घर से करीब 10 फीट दूरी पर सरकारी हैंडपंप लगा हुआ है. आरोपियों ने उसी हैंडपंप में अवैध रूप से सबमर्सिबल डाल रखा था. उनका भाई पानी पीने गया था, तभी मोटर चालू कर दी गई और करंट फैल गया. उन्होंने बताया कि हादसे के बाद परिवार न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुंचा, लेकिन उन्हें पूरे दिन परेशान किया गया.
सियाराम ने आरोप लगाया कि भाई की मौत के बावजूद पुलिस ने उल्टा उनके परिवार पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया. उन्होंने कहा कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार को धमका रहे हैं. इसी कारण वे अपने भाई की अस्थियां लेकर झांसी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया. सियाराम ने कहा कि उनका परिवार सिर्फ न्याय चाहता है.

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दूसरे भाई राजू पाल ने बताया कि गांव के सरकारी नल में निजी सबमर्सिबल डालकर बिजली कनेक्शन जोड़ा गया था. उनके चाचा पानी पीने गए थे, तभी मोटर चालू होने से करंट लग गया और वह मौके पर ही गिर पड़े. अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. राजू ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले मामला दर्ज करने से मना कर दिया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने की बात कहती रही. इसके बाद परिवार ने सड़क पर प्रदर्शन किया. फिर सीओ मऊरानीपुर के हस्तक्षेप के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि पुलिस परिवार की महिलाओं को गिरफ्तार करने की धमकी दे रही है. परिवार डर और तनाव में है तथा अंतिम संस्कार और धार्मिक रस्में भी ठीक से नहीं कर पा रहा. राजू पाल ने कहा कि आरोपी लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, इसलिए परिवार न्याय की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा.

वही, गुरसरांय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर रवि अनुरागी ने बताया कि मृतक को अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था. डॉक्टर के अनुसार युवक घर के बाहर लगे नल के संपर्क में आया था, जिसमें विद्युत करंट प्रवाहित हो रहा था. करंट लगने के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी.

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