UP News: हरदोई जिले के टड़ियावां थाने के गौरा डांडा गांव में पशुपालक लालाराम श्रीवास्तव ने अपनी दो बकरियों, 'स्वीटी' और 'मोनिका' का जन्मदिन भव्य तरीके से मनाया. लालाराम ने 14 फरवरी की रात आयोजित इस कार्यक्रम के लिए बाकायदा निमंत्रण पत्र छपवाकर ग्रामीणों को आमंत्रित किया था. इस जश्न की शुरुआत रामायण और भागवत पाठ जैसे धार्मिक अनुष्ठानों से हुई. बकरियों को नहलाकर नए वस्त्र और फूलों की मालाएं पहनाई गईं. इस अनोखे अवसर पर करीब 200 लोगों के लिए दावत का इंतजाम किया गया और ग्रामीण डीजे की धुन पर जमकर थिरके.
निमंत्रण पत्र और दावत का शाही इंतजाम
लालाराम का पशु-प्रेम इस कदर गहरा है कि उन्होंने इसे एक पारिवारिक उत्सव बना दिया. कार्यक्रम के लिए छपवाए गए निमंत्रण पत्रों ने ग्रामीणों को भी हैरत में डाल दिया. 14 फरवरी की रात को गांव का माहौल भक्ति और उल्लास से सराबोर था. रामायण और भागवत के पाठ के साथ शुरू हुआ यह उत्सव बेजुबानों के प्रति संवेदनशीलता की मिसाल बन गया. लालाराम ने न केवल बकरियों को सजाया, बल्कि गांव के हर तबके को इस खुशी में शामिल किया.
डीजे की धुन पर थिरका पूरा गांव
पशुपालक ने जश्न में कोई कमी नहीं छोड़ी. कार्यक्रम स्थल पर डीजे का इंतजाम किया गया था, जहां गांव के बच्चे, युवा और बुजुर्गों ने जमकर नृत्य किया. ग्रामीणों के अनुसार, लालाराम अपनी इन बकरियों को महज पशु नहीं बल्कि अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं. इस आयोजन का सबसे बड़ा संदेश समाज को उन बेजुबानों के प्रति प्रेम और दया दिखाना है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है.
पिछले साल भी हुई थी भव्य पार्टी
लालाराम ने यह सिलसिला पिछले साल भी जारी रखा था. बीते वर्ष उन्होंने 300 मेहमानों को दावत दी थी और 51 कन्याओं को भोज कराया था. ग्रामीण सोनू के मुताबिक, लालाराम हर साल इसी तरह अपनी बकरियों का जन्मदिन मनाते हैं. इस साल भी 200-250 लोगों के लिए शानदार दावत का प्रबंध किया गया.
प्रशांत पाठक