बसपा ने पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी को किया पार्टी से निष्कासित, जानिए क्या है वजह?

बहुजन समाज पार्टी ने नौतनवां से पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित कर दिया है. महराजगंज जिला अध्यक्ष ने अमनमणि के निष्कासन का पत्र जारी किया है. इसमें कहा गया है कि अमनमणि को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उनकी कार्यशैली में कोई भी सुधार नहीं आया.

Advertisement
पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी (फाइल फोटो) पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी (फाइल फोटो)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 19 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 2:48 AM IST

यूपी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि त्रिपाठी को बहुजन समाज पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है. नौतनवां से पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बसपा से निष्कासित किया गया है. महराजगंज जिला अध्यक्ष ने अमनमणि त्रिपाठी के निष्कासन का पत्र जारी किया है.

पार्टी की ओर से जारी लेटर में कहा गया है कि अमनमणि त्रिपाठी के खिलाफ अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की कई शिकायतें मिली थीं. इन सभी शिकायतों की जांच करने के बाद अमनमणि को बसपा से निष्कासित कर दिया गया है.

Advertisement

बसपा के महाराजगंज जिला अध्यक्ष ने पत्र जारी कर कहा कि उन्हें इस संबंध में कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उनकी कार्यशैली में कोई भी सुधार नहीं है. इसकी वजह से पार्टी हित में अमनमणि को निष्कासित किया जाता है. 

सपा ने भी दिखाया था बाहर का रास्ता

इससे पहले नौतनवां से पूर्व विधायक अमनमणि को साल 2017 में समाजवादी पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया था. समाजवादी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की वजह से उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया था. इसके बाद उन्होंने बसपा का दामन थाम लिया था.

 

कौन हैं अमनमणि त्रिपाठी?


अमनमणि त्रिपाठी यूपी के बाहुबली नेता और पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे हैं. उनका जन्म 12 जनवरी 1982 को गोरखपुर में हुआ. अमनमणि त्रिपाठी की शुरुआती पढ़ाई सैंट जॉसेफ और DPS नोएडा में हुई. बाद में वो गोरखपुर वापस आए. यहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ गोरखपुर से बीए LLB की पढ़ाई की. अमनमणि के चर्चा में रहने का एक बड़ा कारण उनके पिता अमरमणि त्रिपाठी हैं. वो और उनकी पत्नी मधुमिता हत्याकांड के चलते आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. अमरमणि त्रिपाठी लक्ष्मीपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं. बाद में महाराजगंज जिले की इस विधानसभा सीट का नाम नौतनवां हो गया. अमरमणि के बाद उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार यहीं से विधायक चुने गए थे. हालांकि ये अमनमणि का पहला विधानसभा चुनाव नहीं था. वो 2012 में सपा के टिकट पर नौतनवां से चुनाव लड़ चुके थे. तब कांग्रेस के कौशल किशोर सिंह ने उन्हें हरा दिया था. पांच साल बाद यूपी चुनाव में अमनमणि त्रिपाठी ने अपने विरोधी को 45 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था. उस समय वो जेल में थे.

Advertisement

पत्नी की हत्या का है आरोप

अमनमणि पर अपनी पत्नी सारा की हत्या करने का आरोप है. साल 2016 में फिरोजाबाद नेशनल हाई-वे पर एक कार एक्सीडेंट में सारा सिंह की मौत हो गई थी. इस हादसे में अमनमणि त्रिपाठी को कुछ भी नहीं हुआ था. इस मामले में सारा की मां सीमा सिंह की शिकायत के आधार पर अमनमणि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी.
 

ये भी देखें

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »