दिल्ली समेत कई जगहों पर हाई अलर्ट, जानिए 'High Alert' के दौरान होता क्या है

बीते सोमवार शाम राजधानी के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार विस्फोट हुआ जिसमें आठ लोगों की मौत हुई और अनेकों घायल हुए. इस घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय ने हाई-अलर्ट जारी कर दिया.

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दिल्ली के लाल किला हमले के बाद कई जगहों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. ( Photo:PTI) दिल्ली के लाल किला हमले के बाद कई जगहों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. ( Photo:PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर सोमवार शाम हुए घातक विस्फोट में 10 लोग मारे गए और 24 अन्य घायल हो गए. इस विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रीय राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है. इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे के साथ-साथ दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मेट्रो और रेलवे स्टेशनों के लिए भी हाई अलर्ट जारी किया गया है. किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि के बाद हाई अलर्ट जारी किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं High Alert में क्या-क्या होता है. नोएडा गढ़ी चौखंडी के थाना इंचार्ज अंकित तरार ने बताया कि हाई अलर्ट के दौरान क्या-क्या होता है. 

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क्या होता है ‘हाई अलर्ट’?
नोएडा गढ़ी चौखंडी के थाना इंचार्ज अंकित तरार ने बताया कि हाई अलर्ट का मतलब है कि किसी शहर में आतंकी हमले, धमाके या किसी सुरक्षा जोखिम की आशंका को देखते हुए सुरक्षा को अधिकतम स्तर पर बढ़ा दिया गया है. इस दौरान सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम करती हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाती है. हर जगह बैरिकेडिंग और चेकिंग बढ़ा दी जाती है. 

हाई अलर्ट के दौरान क्या होता है
जब किसी शहर खासकर दिल्ली जैसी राजधानी में संभावित खतरे, आतंकी हमले, विस्फोट या किसी संवेदनशील जानकारी के मिलने की आशंका होती है, तब सरकार और सुरक्षा एजेंसियां “हाई अलर्ट” घोषित करती हैं. दिल्ली सहित कई जगहों के लिए “हाई अलर्ट” घोषित किया गया है. ऐसे हालात में पुलिस और सुरक्षाबल भीड़भाड़ वाले इलाकों, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बाजारों, हवाई अड्डों और सरकारी दफ्तरों में अतिरिक्त तैनाती करते हैं और भीड़भाड़ वाले बाजार और धार्मिक स्थल परे सघन चेकिंग जारी है. 

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हाई अलर्ट के दौरान क्या-क्या कदम उठाए जाते हैं?

  • भीड़भाड़ वाले इलाकों, मेट्रो स्टेशन, बाजार, बस अड्डे, हवाई अड्डे और ऐतिहासिक स्थलों पर पुलिस और पैरा-मिलिट्री फोर्स की तैनाती बढ़ाई जाती है. 
  • सीसीटीवी निगरानी तेज कर दी जाती है और हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है.
  • वाहनों की सघन चेकिंग होती है,  बॉर्डर इलाकों और एंट्री पॉइंट्स पर हर वाहन की जांच होती है.
  • डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोजल टीम को अलर्ट मोड पर रखा जाता है.
  • ड्रोन निगरानी और कंट्रोल रूम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी की जाती है.
  • लोगों से अपील की जाती है कि वे सतर्क रहें और अफवाहों से बचें.
  • इस दौरान होटल की भी चेकिंग की जाती है. 

सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी 
हाई अलर्ट के दौरान सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी रखी जाती है, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है और चेकिंग अभियान तेज कर दिए जाते हैं. इसके साथ ही बॉर्डर एरिया और एंट्री पॉइंट्स पर वाहनों की सख्त जांच की जाती है, जबकि ड्रोन और बम स्क्वॉड टीमें भी सक्रिय रहती हैं. हाई अलर्ट के दौरान प्रशासन लोगों से भी अपील करता है कि वे सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध चीज या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें. हाई अलर्ट का मतलब डर नहीं, बल्कि तैयारी और सजगता होता है.

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ऐसे समय में सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अपनी पूरी क्षमता से काम करती हैं और अगर आम नागरिक भी सहयोग करें, तो किसी भी खतरे से देश और राजधानी को सुरक्षित रखा जा सकता है. दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. शहर के सभी बॉर्डर एरिया और एंट्री पॉइंट्स पर वाहनों की सख्त जांच की जा रही है. डॉग स्क्वॉड, बम डिस्पोजल यूनिट और ड्रोन निगरानी टीमें भी तैनात हैं.

हाई-अलर्ट का असर और मुख्य कदम

  • दिल्ली समेत कई राज्यों में जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक पुलिस ने संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त तैनाती की.
  • मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे और बाजार जैसे भीड़ वाले पॉइंट्स पर निगरानी तेज कर दी गई.
  • सीमावर्ती इलाकों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख इमारतों के आसपास चेकिंग अभियान और वाहन तलाशी बढ़ा दी गई.
  • नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए कहा गया है.
  • स्कूल और कॉलेजों में भी संगिग्ध स्टूडेंट्स के बैग चेक किए जा रहे.
  • इसके साथ ही गली, चौक और चौराहों पर काफी समय या दिन से खड़ी गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है. 

आपातकालीन स्थिति में डायल करें हेल्पलाइन नम्बर 
यात्रा करते समय भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतें, विशेषकर मेट्रो/रेलवे स्टेशन के पास.
अनजान लोगों या संदिग्ध वस्तुओं से दूरी बनाएं; कुछ असामान्य दिखे तो पुलिस को तुरंत बताएं.
अफवाहों से बचें- स्थिति का सही आकलन आधिकारिक स्रोतों से करें.
किसी अनचाही गाड़ी या पार्क की गई वाहन के आसपास रहते समय सतर्क रहें.
किसी भी आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नम्बर (जैसे 100 / 112) पर कॉल करें.

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