क्या ब्रिटेन में Gay बनकर घूम रहे हैं पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोग?

ब्रिटेन में वीजा अवधि बढ़वाने और शरण पाने के लिए पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिक अब गे बनने का नाटक कर रहे हैं. इससे उन्हें आसानी से यूके में शरण मिल जा रही है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ये पूरा मामला क्या है?

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यूके में शरण के लिए गे बनने का नाटक कर रहे पाकिस्तानी (Representational Photo - Pexels) यूके में शरण के लिए गे बनने का नाटक कर रहे पाकिस्तानी (Representational Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:27 PM IST

पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिक अब ब्रिटेन में रिफ्यूजी का स्टेटस पाने के लिए गे बन रहे हैं! यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह सच है. दरअसल, यूके में बसने के लिए पाकिस्तानी LGBTQ समुदाय से ताल्लुक रखने का नाटक रचते हैं. इस नाटक में कुछ कानूनी फर्म और एडवाइजर्स भी इनकी मदद करते हैं और बदले में हजारों पाउंड वसूलते हैं. 

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Gay बनने का नाटक कर रिफ्यूजी स्टेटस पाने के इस काम के लिए एक पूरी शैडो इंडस्ट्री  खड़ी हो गई है. बीबीसी की एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट ने इस स्कैम का खुलासा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, लॉ फर्म्स और कानूनी सलाहकारों की एक पूरी फौज वैसे प्रवासियों को फर्जी कहानियां गढ़ने और मनगढ़ंत सबूत जुटाने में मदद करती हैं, जिनके वीजा की अवधि खत्म होने वाली है.  सबूत फर्जी लेटर्स, तस्वीरें और मेडिकल रिपोर्ट्स शामिल होती है. 

सारे जरूरी सबूत मिल जाने और एक मनगढ़ंत कहानी तैयार हो जाने के बाद ऐसे लोग समलैंगिक होने का दावा करते हुए और पाकिस्तान या बांग्लादेश लौटने पर अपनी जान को खतरा होने के कारण शरण के लिए आवेदन करते हैं.ब्रिटेन की शरण प्रक्रिया उन लोगों को सुरक्षा प्रदान करती है जो अपने गृह देशों में वापस नहीं लौट सकते. क्योंकि, वहां जाने पर उनके जान को खतरा हो सकता है. उदाहरण के लिए पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में समलैंगिक होना अवैध हैं.

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स्कैम में शामिल हैं कई लॉ फर्म और एडवाइजर्स
जांच में सामने आया कि एक लॉ फर्म ने मनगढ़ंत रिफ्यूजी क्लेम को दायर करने के लिए 7,000 पाउंड तक की फीस लेते हैं और वादा किया कि गृह मंत्रालय उनका दावा खारिज नहीं किया जाएगा. फर्जी शरण चाहने वालों ने अवसादग्रस्त होने का नाटक करते हुए डॉक्टरों से मुलाकात की, ताकि उन्हें अपने दावों को मजबूत करने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट मिल सकें, जिनमें से एक ने तो एचआईवी पॉजिटिव होने का झूठ भी बोला.

मीडिया इन्वेस्टिगेशन के दौरान एक अन्य लॉ फर्म से जुड़े एक वकील ने बताया कि उसने समलैंगिक या नास्तिक होने का नाटक करने वाले लोगों को यूके में शरण हासिल करने में मदद की है. उसने 1,500 पाउंड की फीस पर फर्जी दावा तैयार करने में मदद करने की पेशकश की और कहा कि सबूत बनाने में 2,000-3,000 पाउंड का अतिरिक्त खर्च आएगा.

मनगढ़ंत कहानियां और सबूत से मिल रही हेल्प
इसके अलावा कुछ ऐसे फर्जी संस्थाओं का भी पता चला जो नकली गे और लेस्बियन लोगों का समूह था. ये संगठन सिर्फ यूके में स्थायी रूप से शरण पाने वाले लोगों को गे या लेस्बियन स्टेटस के दिखावा करने में मदद करता था. ऐसी ही एक संस्था के तहत  पूर्वी लंदन के बेकटन के एक शांत कोने में स्थित एक सामुदायिक केंद्र में एक कार्यक्रम के लिए 175 से अधिक लोग एकत्रित हुए हैं. कुछ लोग दक्षिण वेल्स, बर्मिंघम और ऑक्सफोर्ड जैसे दूर-दराज के स्थानों से वॉर्सेस्टर LGBT द्वारा आयोजित एक बैठक में भाग लेने के लिए आए थे, जो खुद को समलैंगिक और लेस्बियन शरण चाहने वालों के लिए एक सहायता समूह बताते हैं. 

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इस समूह की वेबसाइट पर लिखा है कि केवल समलैंगिक शरण चाहने वालों का ही स्वागत है. लेकिन केंद्र के दरवाजों से बाहर फुटपाथ पर निकले हुए लोगों ने बताया कि सब कुछ वैसा नहीं है जैसा दिखता है. यहां के ज्यादातर लोग समलैंगिक नहीं हैं.

इन रिपोर्ट के बाद इस बात का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि इंग्लैंड की नागरिकता पाने के लिए पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोग किस हद तक जा रहे हैं. पाकिस्तान और बांग्लादेश समलैंगिक संबंधों को लेकर उदार नहीं हैं. वहां कानूनी तौर पर ऐसा करना अपराध है और सामाजिक रूप से भी कई बार पता चल जाने पर भयानक परिणाम भुगतने पड़ते हैं. ऐसे में वहां के नागरिकों ने इन चीजों को विदेशों में शरण पाने और वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए एक हथकंडे की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.  

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