टैंक फुल कराने पहुंच रहे लोग, कभी भी बढ़ सकते हैं पेट्रोल के दाम... ट्विटर पर बहस

पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच भारत समेत दुनियाभर के लोग गाड़ियों के तेल की टंकी फुल करा रहे हैं. और इसे लेकर ट्विटर पर भी जोरदार बहस हो रही है.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

aajtak.in

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  • 08 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 2:50 PM IST
  • पेट्रोल के दाम में बड़ी बढ़त की आशंका जताई जा रही है
  • लोग अपनी गाड़ियों के टैंक फुल करवा रहे हैं

कच्चे तेल की कीमत आसमान छू रही है. इसकी वजह से पेट्रोल के दाम में बड़ी बढ़त की आशंका जताई जा रही है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है. देश-विदेश के कई लोगों ने ट्वीट कर बताया है कि उन्होंने अपनी गाड़ियों के टैंक फुल करवा लिए हैं.

ऐसा करने से लोगों को एक छोटी बचत जरूर हो सकती है. आइए इसे ऐसे समझते हैं- 
मान लेते हैं कि आज पेट्रोल की कीमत 100 रुपए है. और कल ये बढ़कर 110 रुपए हो जाती है. ऐसे में अगर आपकी गाड़ी की टंकी 40 लीटर की है. तो कीमत बढ़ने से पहले पेट्रोल भरवाने वाले लोगों को प्रति लीटर 10 रुपए की बचत होगी. तो 40 लीटर तेल भरवाने वालों को 400 रुपए की बचत हो जाएगी. लोग इसी बचत के पीछे भाग रहे हैं.

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यूके के पत्रकार मार्क स्पैरो ने लिखा- रातों-रात मेरे कार की कीमत दोगुनी हो गई है. दरअसल, कल मैंने उसकी पेट्रोल की टंकी फुल करवाई थी.

एक भारतीय यूजर ने लिखा- मैंने अपनी गाड़ियों की पेट्रोल और डीजल की टंकी फुल करवा ली है. अगर तेल की कीमतें 15 रुपए तक बढ़ जाती है. तो कम से कम 1350 रुपए की बचत हो जाएगी. ये बुरा नहीं है. ऐसे में मैं पुराने दरों पर ही 1500 KM से ज्यादा ट्रैवल कर पाऊंगा.

ब्रिटेन के @Learningtofloat नाम के एक यूजर ने लिखा. मैंने आज पेट्रोल की टंकी फुल करवाई है. ये मुझे 5 यूरो (लगभग 500 रुपए) महंगा पड़ा.

बता दें कि सोमवार को कच्चे तेल की कीमत 139.1 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. तेल की कीमतों ने आखिरी बार ये आंकड़ा साल 2008 में छुआ था. हालांकि मार्केट बंद होने तक ये कीमत गिरकर 125.5 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी.

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पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे एक बड़ी वजह रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को बताया जा रहा है. दरअसल, रूस दुनिया के सबसे बड़े एनर्जी उत्पादकों में से एक है. युद्ध की वजह से रूसी तेल और एनर्जी प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट पर भी बैन लगाने की चर्चा हो रही है. ऐसे में तेल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं.

बता दें कि कोरोना वायरस के मामले कम होने के बाद से ही दुनिया के अलग-अलग देशों में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. क्योंकि अब शटडाउन खत्म हो चुका है. ग्लोबल इकॉनमी में तेल की डिमांड बढ़ गई है. वहीं भारत में तेल की कीमत पिछले चार महीने से नहीं बढ़ी है. एक्सपर्ट्स इसके पीछे की वजह चुनाव को मान रहे हैं. लेकिन अब वो ये अनुमान लगा रहे हैं कि मार्च में ही तेल की कीमतें 12 से 15 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ सकती है. इसे लेकर विपक्षी पार्टियों ने भी निशाना साधना शुरू कर दिया है.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा- फटाफट Petrol टैंक फुल करवा लीजिए. मोदी सरकार का ‘चुनावी’ offer ख़त्म होने जा रहा है.

एक ट्विटर यूजर ने एक मीम शेयर करते हुए लिखा- पेट्रोल की टंकी फुल करवाने के लिए दौड़ते लोग

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