ब्राजील में 130 फीट ऊंचे पुल से बंजी जंपिंग के दौरान बिना रस्सी नीचे कूदने पर एक लड़की की जान चली गई. अब इस मामले में एक नर्स ने दावा किया है कि उतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी लड़की जिंदा थी और उसने उससे बात भी की.
इस दर्दनाक हादसे के बाद अब उस ऑफ-ड्यूटी नर्स का बयान सामने आया है, जिसने घटना के तुरंत बाद लड़की तक पहुंचकर उसकी जान बचाने की कोशिश की थी. नर्स का कहना है कि पुल से गिरने के बाद भी लड़की कुछ समय तक जिंदा थी.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, नर्स ने उस लड़की से कहा था कि कोई नहीं मरेगा मेरी ड्यूटी में... नर्स ने बताया कि 130 फीट ऊंचे पुल से नीचे गिरने के बाद भी लड़की जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही थी. लड़की ने नर्स की आवाज सुनी भी थी और उससे बात भी की थी. लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी सांसें थम गईं.
नीचे पहुंची तो लड़की जिंदा थी...
रायजा डायस नाम की नर्स घटना के समय वहीं मौजूद थी. जैसे ही लड़की के गिरने की खबर मिली, वह तुरंत उसकी तरफ दौड़ी. रायजा ने ब्राजीलियाई टीवी नेटवर्क को बताया कि नीचे पहुंचने का रास्ता बेहद मुश्किल था। वहां खड़ी ढलान थी और नीचे उतरने के लिए सिर्फ एक रस्सी थी. पूरा रास्ता कीचड़ से भरा हुआ था.उन्होंने बताया कि जल्द से जल्द लड़की तक पहुंचने की कोशिश में उनके हाथ तक छिल गए, लेकिन वह लगातार नीचे उतरती रहीं.
नर्स के मुताबिक जब वह दुर्घटनास्थल पर पहुंची तो 21 साल की मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रीटास अभी जिंदा थी. रायजा ने बताया कि मैंने उससे बात भी की थी. मेरी आदत है कि मैं मजाक में कहती हूं कि मेरी ड्यूटी में कोई नहीं मरता. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि मैंने उससे कहा था - डूडा, मेरी ड्यूटी में कोई नहीं मरता. जबकि उस समय मैं वास्तव में ड्यूटी पर भी नहीं थी.नर्स का यह बयान सामने आने के बाद हादसे की दर्दनाक तस्वीर और भी ज्यादा भावुक कर देने वाली बन गई है.
आखिर उस दिन हुआ क्या था?
दरअसल, 21 साल की मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रीटास शनिवार को ब्राजील के साओ पाउलो के पास स्थित एक परित्यक्त पुल पर बंजी जंपिंग करने पहुंची थी. यह पुल स्थानीय लोगों के बीच "स्केलेटन ब्रिज" के नाम से जाना जाता है. बताया जा रहा है कि यहां अवैध तरीके से बंजी जंपिंग कराई जा रही थी.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दिखाई देता है कि मारिया को करीब 130 फीट ऊंचे पुल से नीचे धक्का दिया जाता है, लेकिन उसके साथ सुरक्षा रस्सी जुड़ी ही नहीं थी. जैसे ही वह नीचे गिरी, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
लापरवाही की बड़ी कीमत
जांच में सामने आया है कि बंजी जंपिंग करवाने वाले कर्मचारियों ने कथित तौर पर सुरक्षा रस्सी बांधना ही भूल गए थे. हादसे के बाद वहां काम कर रहे कुछ लोग मौके से भाग निकले. पुलिस ने बाद में सैन्य हेलिकॉप्टर की मदद से उनकी तलाश की.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंजी जंपिंग ऑपरेशन से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. वहीं तीन अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.
एक हादसा, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए
मारिया की मौत ने एक बार फिर एडवेंचर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अगर सुरक्षा रस्सी सही तरीके से लगाई गई होती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था.
लेकिन इस पूरी घटना का सबसे भावुक हिस्सा वह है, जब 130 फीट नीचे गिरने के बाद भी मारिया कुछ देर तक जिंदा थी और एक नर्स उसे हिम्मत बंधा रही थी. नर्स को उम्मीद थी कि वह उसे बचा लेगी, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था.
aajtak.in