गूगल साइंटिस्ट को फ्लाइट में मिले ‘जापानी माता-पिता’, पोस्ट शेयर कर किया धन्यवाद

2019 में एक फ्लाइट के दौरान भारतीय गूगल साइंटिस्ट राज डबरे ने एक बुजुर्ग जापानी दंपति की मदद की. इसी छोटी-सी बातचीत से शुरू हुआ रिश्ता समय के साथ इतना गहरा हो गया कि दोनों उन्हें अपने बेटे की तरह मानने लगे.

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इंसानियत और अपनापन किसी देश या भाषा का मोहताज नहीं होता. ( Photo: X/@prajdabre) इंसानियत और अपनापन किसी देश या भाषा का मोहताज नहीं होता. ( Photo: X/@prajdabre)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:11 AM IST

2019 में एक फ्लाइट के दौरान हुई एक छोटी-सी मदद ने गूगल में काम करने वाले भारतीय वैज्ञानिक राज डबरे की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी. एक लंबी फ्लाइट के दौरान उनकी मुलाकात एक बुज़ुर्ग जापानी दंपति से हुई, जो बाद में उनके लिए माता-पिता जैसे बन गए. राज उस समय गंभीर फ्लू से उबर रहे थे और भारत लौट रहे थे. उन्होंने मास्क पहन रखा था और काफी कमजोर महसूस कर रहे थे. उनके बगल में बैठे जापानी कपल को फ्लाइट के एंटरटेनमेंट सिस्टम में दिक्कत हो रही थी, लेकिन वे अंग्रेजी में ठीक से समझा नहीं पा रहे थे कि उन्हें जापानी सबटाइटल चाहिए.

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कोरोना के समय की मदद
राज को जापानी भाषा आती थी, इसलिए उन्होंने मदद की. उन्होंने केबिन क्रू से बात की और कपल की समस्या तुरंत सुलझा दी. इसके बाद बातचीत शुरू हुई, जो घंटों चली. बातचीत में एक हैरान करने वाला संयोग सामने आया- जापान में उनका घर राज के घर से सिर्फ 20 मिनट की साइकिल दूरी पर था. फ्लाइट के लास्ट में जापानी कपल ने राज को अपना विजिटिंग कार्ड दिया और संपर्क में रहने को कहा. शुरुआत में राज ने कॉल नहीं किया, लेकिन अपने पिता के कहने पर उन्होंने फोन किया. यही कॉल एक नए रिश्ते की शुरुआत बन गया.

राज की शादी में गवाह भी बने जापानी माता पिता
इसके बाद जापान में उस दंपति ने राज को अपने घर बुलाया, कोविड के समय उसका ख्याल रखा और अपने परिवार से मिलवाया. धीरे-धीरे यह रिश्ता इतना गहरा हो गया कि वे राज के लिए 'जापानी मां-पापा' बन गए. साल 2023 में तो उनके जापानी पिता भारत आकर राज की शादी में गवाह भी बने. राज ने यह पूरी कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसे पढ़कर लोग भावुक हो गए कई लोगों ने इसे दिल को छू लेने वाली कहानी बताया.

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