भारत में टेलर का काम अक्सर एक सामान्य पेशा माना जाता है. कई लोग इसे कम कमाई वाला काम समझते हैं, लेकिन अगर यही हुनर अमेरिका जैसे देश में आजमाया जाए तो कमाई लाखों रुपये तक पहुंच सकती है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अमेरिका में रहने वाली कोमल पांडे ने वहां के टेलर की कमाई और सिलाई से जुड़ी सेवाओं की कीमतों के बारे में जानकारी दी है. यह जानकारी सुनकर कई लोग हैरान रह गए.
एक घंटे की सिलाई के मिलते हैं 25 डॉलर
वीडियो में बताया गया है कि अमेरिका में एक टेलर को एक घंटे के काम के लिए करीब 25 डॉलर तक मिल सकते हैं. भारतीय रुपये में इसकी कीमत लगभग 2200 से 2300 रुपये के बराबर बैठती है. यानी अगर कोई व्यक्ति रोजाना 8 घंटे काम करता है, तो वह एक दिन में 18 हजार रुपये से भी ज्यादा कमा सकता है. यही वजह है कि अमेरिका में कुशल कारीगरों और तकनीकी काम करने वाले लोगों की अच्छी मांग बनी रहती है.
कपड़ों का अल्टरेशन भी पड़ता है काफी महंगा
सिर्फ नए कपड़े सिलाई ही नहीं, बल्कि कपड़ों में छोटे-मोटे बदलाव यानी अल्टरेशन का काम भी वहां काफी महंगा है. वीडियो में बताया गया कि किसी कपड़े की फिटिंग ठीक करवाने या उसमें मामूली बदलाव करवाने के लिए करीब 40 डॉलर तक खर्च करने पड़ सकते हैं. भारतीय रुपये में यह राशि लगभग 3500 से 4000 रुपये के बीच बैठती है.
भारत में जहां कई बार लोग 100 से 500 रुपये में कपड़ों का अल्टरेशन करवा लेते हैं, वहीं अमेरिका में यही काम कई गुना महंगा पड़ता है. अमेरिका में टेलरिंग को केवल कपड़े सिलने का काम नहीं माना जाता, बल्कि इसे एक पेशेवर कौशल के रूप में देखा जाता है. अच्छे टेलर की मांग शादी, कॉर्पोरेट कपड़ों, डिजाइनर आउटफिट और कस्टम फिटिंग वाले कपड़ों के लिए हमेशा बनी रहती है. ऐसे में जो लोग इस काम में माहिर होते हैं, उनके लिए कमाई के अच्छे अवसर मौजूद रहते हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो
वीडियो में यह भी कहा गया कि अगर भारत में किसी टेलर का काम अच्छा नहीं चल रहा है, तो वह विदेशों में मौजूद अवसरों के बारे में जानकारी ले सकता है. हालांकि किसी भी देश में जाकर काम करने से पहले वहां के वीजा नियम, लाइसेंस, अनुभव और भाषा संबंधी आवश्यकताओं को समझना जरूरी होता है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग अमेरिका में टेलरिंग से होने वाली कमाई पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि भारत में भी कुशल कारीगरों को उनके हुनर के अनुसार बेहतर भुगतान मिलना चाहिए.
aajtak.in