किसी और के इशारों पर तो काम नहीं कर रहा आपका फोन? इन तरीकों से चलेगा पता

क्या आपका फोन किसी और के इशारों पर काम कर रहा है. अगर ऐसा है, तो इसका मतलब है कि आपका फोन कॉम्प्रोमाइज हो गया है. ऐसा किसी स्पाइवेयर की एंट्री की वजह से हो सकता है. अगर आपके फोन में कोई स्पाइवेयर है, तो आपको इसके संकेत दिखने लगेंगे. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप बहुत ही आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपका फोन कॉम्प्रोमाइज्ड है या नहीं.

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फोन में स्पाइवेयर होने पर कुछ संकेत दिखने लगते हैं. (Photo: Pixabay) फोन में स्पाइवेयर होने पर कुछ संकेत दिखने लगते हैं. (Photo: Pixabay)

अभिषेक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:29 PM IST

स्मार्टफोन्स आज हमारी रोजमर्रा की लाइफ का हिस्सा बन चुके हैं. ये किसी उम्र या किसी वर्ग की लाइफस्टाइल का हिस्सा नहीं हैं. हमारी डेली पेमेंट, सोशल मीडिया लाइफ और ना जानें कितनी ही चीजें इस डिवाइस से जुड़ी हुई हैं. क्या हो अगर आपकी इन डिटेल्स पर किसी और की भी नजर हो. 

यानी कोई आपके फोन की मदद से ये सब देख रहा हो. आपके बैकिंग पासवर्ड्स से लेकर सोशल मीडिया पोस्ट तक हर पल की जानकारी आपका फोन किसी और को दे रहा हो. ऐसा हो सकता है. फोन में मौजूद स्पाइवेयर आपके पैकेट में पड़े दुश्मन के किसी ट्रांसमीटर की तरह काम कर सकता है. 

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अगर आपका स्मार्टफोन कॉम्प्रोमाइज हो जाता है, तो आपकी हर हलचल की जानकारी ये हैकर्स को दे सकता है. अब सवाल है कि ऐसा कैसे होगा. ऐसा एक स्पाइवेयर या मालवेयर या वायरस के जरिए हो सकता है, जो आपके फोन में छिपकर ही आपकी जानकारी किसी और को दे सकता है. 

कैसे पहचाने की आपका डिवाइस कॉम्प्रोमाइज हो गया है? 

बहुत ही आसानी से आप इसका पता लगा सकता है. अगर आपका फोन कॉम्प्रोमाइज हुआ है, तो इसके कुछ संकेत आपको नजर आने लगेंगे. मसलन आपके फोन की बैटरी जल्दी खत्म होगी और डेटा यूज भी बढ़ जाएगा. फोन में हैंग होने और कई दूसरे दिक्कतें आने लगेंगे. 

  • बैटरी लाइफ का अचानक से कम होना 
  • डेटा यूज का बढ़ जाना (आपके ना इस्तेमाल करने पर भी) 
  • फोन का बेवजह गर्म होना 
  • कॉल के दौरान आवाज आना, खासकर क्लिक की आवाज आना 
  • स्क्रीन का ऑटोमेटिक ऑन-ऑफ होना 
  • स्मार्टफोन का अचानक स्लो होना और ऐप्स का क्रैश होना 

जरूरी नहीं कि इनमें से किसी एक दिक्कत के नजर आने पर आपका फोन कॉम्प्रोमाइज हो. लेकिन अगर ये सभी दिक्कतें आपको पिछले कुछ दिनों से महसूस हो रही हैं, तो निश्चित रूप से आपका फोन किसी स्पाइवेयर के चपेट में है. 

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यह भी पढ़ें: फोन हैक हुआ या नहीं? चेक करने का सबसे सिंपल तरीका

कैसे निश्चित करें कि फोन में स्पाइवेयर है? 

वैसे तो लेटेस्ट स्मार्टफोन्स में सिक्योरिटी और सेफ्टी से जुड़े पावरफुल टूल्स मिलते हैं. आप एंड्रॉयड फोन में ऐप्स की लिस्ट चेक कर सकते हैं. अगर कोई अनजान ऐप नजर आता है, तो ये स्पाइवेयर हो सकता है. ऐप्स की लिस्ट आपको सेटिंग में जाकर ऐप्स के ऑप्शन पर मिल जाएगी. iPhone में थर्ड पार्टी ऐप्स की एंट्री मुश्किल होती है.

हालांकि, फोन जेलब्रेक हुआ हो, तो ऐसा हो सकता है. इसके अलावा फोन में परमिशन भी चेक करके स्पाइवेयर का पता लगा सकते हैं. आप प्राइवेसी और सिक्योरिटी में जाकर देख सकते हैं कि किस ऐप को कौन-सी परमिशन दी है और कौन इनका इस्तेमाल कर रहा है. मान लीजिए आपने टॉर्च के लिए एक ऐप डाउनलोड किया है, लेकिन उसने कैमरा और माइक का एक्सेस लिया है, तो ये संदिग्ध है. 

यह भी पढ़ें: दिख रही है ये लाइट, तो समझिए हैक हो गया है आपका फोन

अगर स्पाइवेयर पकड़ जाए, तो क्या करें 

फोन में सर्च ऑपरेशन के दौरान अगर आपको स्पाइवेयर मिल जाता है, तो आपको उसे तुरंत डिलीट कर देना चाहिए. अगर ऐप को रिमूव नहीं कर पा रहे हैं, तो बेहतर होगा कि फोन को फैक्ट्री रिसेट कर दें. वहीं बेस्ट ऑप्शन तो ये है कि आप अपने फोन को सर्विस सेंटर लेकर जाएं और वहां इसकी जानकारी दें.

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