Snapdeal के सबसे बड़े इनवेस्टर ने कंपनी पर बनाया दबाव

अगर यह डील होती है तो जाहिर है यह भारतीय ई-कॉमर्स में सबसे बड़ी डील होगी. इसके साथ ही ये दोनों मिलकर अमेजॉन और अलीबाबा को टक्कर दे सकती हैं.

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स्नैपडील स्नैपडील

मुन्ज़िर अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 05 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 5:55 PM IST

भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी Snapdeal के बुरे दिन खत्म का नाम नहीं ले रहे हैं. कंपनी ने पहले से ही अपने कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है और कंपनी के सीईओ सैलरी तक नहीं ले रहे हैं. सॉफ्टबैंक का शेयर स्नैपडील में सबसे ज्यादा है और अब वो कंपनी को फ्लिपकार्ट से बेचने की बात कर रही है.

पहले से ही सॉफ्टबैंक लगातार स्नैपडील की पेरेंट कंपनी जैस्पर इनफोटेक को अपना मार्केट प्लेस बेचने को कह रही है. लेकिन जैस्पर इनफोटेक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर कंपनी को फ्लिपकार्ट से बेचने के पक्ष में नहीं है.

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गौरतलब है कि टोक्यो की टेलीकॉम कंपनी सॉफ्टबैंक का स्नैपडील में 33 फीसदी शेयर है. सॉफ्टबैंक ने स्नैपडील और इसकी ई-वॉलेट कंपनी फ्रीचार्ज में लगभग 900 मिलियन डॉलर का निवेश किया है.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक स्नैपडील के कैपिटल और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स ने भी 100 मिलियन डॉलर की मांग की है. चीनी ई-कॉमर्स दिग्गज अलीबाबा के सहारे चलने वाली भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी पेटीएम भी स्नैपडील के संभावित खरीदार में से एक है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक इसने स्नैपडील को फ्लिपकार्ट से कम का ऑफर दिया है.

अगर यह डील होती है तो जाहिर है यह भारतीय ई-कॉमर्स में सबसे बड़ी डील होगी. इसके साथ ही ये दोनों मिलकर अमेजॉन और अलीबाबा को टक्कर दे सकती हैं.

जापान की इस कंपनी ने स्नैपडील में अपना दूसरा डायरेक्टर भी नियुक्त कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सॉफ्टबैंक के साथ इस संभावित खरीद फरोख्त को लेकर जैस्पर इनफोटेक प्राइवेट लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के साथ मीटिंग हुई है.

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हालांकि कंपनी के प्रवक्ता ने यह साफ किया है कि अभी इस मामले में कोई भी फैसला नहीं लिया गया है.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक यह मीटिंग तीन घंटे से ज्यादा चली, लेकिन सहित दूसरे डायरेक्टर्स इस डील के लिए राजी नहीं हुए.

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