जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में ISIS से आरएसएस की तुलना पर विवादों में आए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को राज्यसभा में अपने भाषण का वो अंश पढ़ा, जिससे भाजपाई बेचैन हो गए. पेश हैं गुलाम नबी आजाद के नौ बोल, जिन पर संसद के उच्च सदन में सुबह होते ही मच गया हंगामा...
भाइयो,
1. बहुत मुश्किल दौर से हम गुजर रहे हैं.
2. लड़ाई आज हिंदू और मुसलमान की नहीं है. कौन कहता है यहां इनकी लड़ाई है.
3. विद्वान हमेशा कहते हैं कि ये नजरियात या सोच की लड़ाई है.
4. हम उस बोसीदा सोच के खिलाफ हैं, जो इंसानियत के खिलाफ है.
5. ऐसी आईएसआईएस वाली जैसी संगठनों का हम उतना ही विरोध करते हैं जितना आरएसएस का करते हैं.
6. लिहाजा ये मजहब की लड़ाई नहीं है. हमारे बीच इस्लाम में भी कोई गलत काम करता है तो वो भी आरएसएस है.
7. जो नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं, हमें उनका एकजुट होकर मुकाबला करना है.
8. हिंदू, मुसलिम, सिख, ईसाई सब एक हो जाएं. हिंदुस्तान सभी का है.
9. जिसके साथ सभी मजहब के लोग हैं, उसी की यहां जीत है.
भाइयो मैंने यही कहा है...और यदि आपको लगता है कि मैंने आरएसएस की आईएस से तुलना की है तो आप कल विशेषधिकार हनन का हमारे खिलाफ प्रस्ताव ले आइए.
सबा नाज़