प्रेग्नेंसी के पल जितने यादगार होते हैं उससे भी ज्यादा इस पूरे समय को काटने में मुशिकल का सामना करना पड़ता है. मां जो भी खाती पीती है उसका असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है. इसीलिए तो गर्भवती मां को खानपान के मामले में बहुत सावधानी बरतने की हिदायत दी जाती है.
तिल खानपान का एक ऐसा हिस्सा है जो पौषिटकता से भरपूर होता है लेकिन गर्भावस्था में इसे खाना चाहिए या नहीं इस बात पर हमेशा से सबकी अलग-अलग राय रहती है. माना जाता है कि और होने वाले बच्चे दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है. वैसे अभी तक इस बात को साबित नहीं किया जा सका है. अगर संतुलित मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो यह मां और बच्चे दोनों के लिए बहुत लाभकारी होता है.
- तिल में कैल्शियम, अमीनो एसिड, प्रोटीन, विटामिन बी, सी, ई प्रचुर मात्रा में होता है. इसमें गर्भावस्था के दौरान लिया जाने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण मिनरल आयरन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं.
- इस दौरान कब्ज होना एक आम समस्या है. इसलिए इससे बचने के लिए तिल अपनी डाइट में शामिल करने से पाचन क्रिया ठीक रहती है.
- तिल में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं जो बनाकर इसे इंफेक्शन से बचाते हैं.
- ज्यादातर महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम की कमी हो जाती हैं और तिल कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत है.
- तिल के बीज सबसे अच्छे प्राकृतिक शक्ति बूस्टर में से एक हैं. यह मांसपेशियों और तंत्रिकाओं को मजबूत बनाने और शरीर को फिट में मदद करते हैं.
वन्दना यादव