टोक्यो ओलंपिक: दुती चंद ने बताया अपना टारगेट, ये टाइमिंग करेंगी हासिल

विश्व रैंकिंग कोटा के जरिए टोक्यो ओलंपिक में जगह बनाने वाली फर्राटा धाविका दुती चंद का लक्ष्य 11.10 सेकंड की टाइमिंग निकालना है, जो उनके अनुसार सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए जरूरी होगा.

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Dutee Chand (Getty) Dutee Chand (Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 10:09 PM IST
  • दुती ने विश्व रैंकिंग कोटा के जरिए टोक्यो का टिकट कटाया है
  • वह सीधे क्वालिफाई करने से 0.02 सेकंड से चूक गई थीं

विश्व रैंकिंग कोटा के जरिए टोक्यो ओलंपिक में जगह बनाने वाली फर्राटा धाविका दुती चंद का लक्ष्य 11.10 सेकंड की टाइमिंग निकालना है, जो उनके अनुसार सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए जरूरी होगा.

ओडिशा की इस एथलीट ने पीटीआई से कहा, ‘मैंने एशियाई स्तर पर पदक जीता है, लेकिन ओलंपिक में दुनियाभर के शीर्ष खिलाड़ी आते हैं. अमेरिका या जर्मनी के धावकों का टाइमिंग तो 10 सेकंड के आसपास तक चला जाता है. मैंने 11.10 का लक्ष्य रखा है, जिससे सेमीफाइनल तक आ सकती हूं.’

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सीधे क्वालिफाई करने में नाकाम रहने के बाद दुती ने विश्व रैंकिंग कोटा के जरिए टोक्यो का टिकट कटाया. एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता दुती राष्ट्रीय अंतर राज्य सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 100 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रही थीं, जो उनकी ओलंपिक से पहले आखिरी रेस थी .

इससे पहले उन्होंने इंडियन ग्रां प्री 4 में महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में 11.17 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था. वह ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई करने से 0.02 सेकंड से चूक गई थीं. सौ मीटर चार्ट में 44वीं और 200 मीटर में 51वीं रैंकिंग होने से उन्होंने क्वालिफाई कर लिया.

उन्होंने कहा, ‘रियो ओलंपिक 2016 तक क्वालिफायर के जरिए ही ओलंपिक खेल सकते थे, लेकिन इससे कई बार सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी खेलों में भाग लेने से मामूली अंतर से चूक जाते थे. इसीलिए आईओसी ने इस बार रैंकिंग व्यवस्था भी रखी है, ताकि ऐसे खिलाड़ी चूक नहीं जाएं.’

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दुती ने कहा, ‘ओलंपिक के लिए सौ मीटर में क्वालिफिकेशन मार्क 11.15 सेकंड था और कोरोना महामारी के कारण मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं वहां तक पहुंच सकूंगी. कोरोना के कारण कई स्पर्धाएं रद्द हो गईं और अभ्यास कार्यक्रम भी अस्त-व्यस्त हो गया था. मैं अभ्यास के लिए कजाखस्तान और किर्गिस्तान भी नहीं जा सकी. मैंने हालांकि आखिर तक संघर्ष किया लेकिन मामूली अंतर से चूक गई.’

भुवनेश्वर, पटियाला और हैदराबाद में अभ्यास करने वाली दुती को रैंकिंग के जरिए अपना दूसरा ओलंपिक खेलने का यकीन था और उन्होंने तैयारियों में कोताही नहीं बरती. उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरा यकीन था कि रैंकिंग के जरिए में ओलंपिक खेलूंगी, लेकिन सिर्फ खेलना मेरा लक्ष्य नहीं है. मैंने अभ्यास में पूरा फोकस अपने प्रदर्शन पर रखा और कड़ी मेहनत की है. मैंने कभी यह सोचा ही नहीं कि मैं टोक्यो नहीं जा रही हूं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा फोकस 100 मीटर पर ही है. सौ और दो सौ दोनों पर फोकस करने से टाइमिंग पर असर पड़ेगा. दोनों वर्गों में अभ्यास समान रहता है, लेकिन मेरा फोकस सौ मीटर होगा.’

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