आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. ग्रुप स्टेज में अभिषेक लगातार तीन पारियों में शून्य पर आउट हुए. वहीं सुपर-8 के पहले मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ वह सिर्फ 12 गेंदों में 15 रन ही बना सके. भारतीय टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ वो मुकाबला 76 रनों से गंवा बैठी थी, जिसके चलते उसकी सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को झटका लगा है.
अब अभिषेक शर्मा को लेकर टीम इंडिया के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने बड़ा बयान दिया है. सहवाग का मानना है कि चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले अहम मैच में अभिषेक को आराम देना चाहिए. अभिषेक के लिए यह टूर्नामेंट अब तक बेहद निराशाजनक रहा है. बीमारी से जूझने के साथ-साथ वह खराब फॉर्म में भी दिखे. इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट लगातार अभिषेक का समर्थन करता रहा, ताकि वह फॉर्म में लौटकर टॉप ऑर्डर की समस्या को सुलझा सकें.
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वीरेंद्र सहवाग मानते हैं कि इतने बड़े और अहम मैच में जोखिम लेना सही नहीं है. क्रिकबज से बातचीत में सहवाग ने कहा कि अगर वह टीम का हिस्सा होते, तो अभिषेक शर्मा को ब्रेक देकर संजू सैमसन को मौका देते. उनके मुताबिक, यह ऐसा मुकाबला है जिसमें हार का मतलब टूर्नामेंट से बाहर होना है, इसलिए प्लेइंग इलेवन का चयन पूरी तरह फॉर्म के आधार पर होना चाहिए.
भारत का नेट रनरेट माइनस में
साउथ अफ्रीका के खिलाफ बड़ी हार के बाद भारतीय टीम का नेट रन रेट -3.800 हो गया है, जो चिंता का विषय बना हुआ है. अगर वेस्टइंडीज सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका को हरा देता है, तो भारत पर दबाव और बढ़ सकता है. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में अब हर चयन और रणनीतिक फैसला बेहद अहम हो गया है.
वीरेंद्र सहवाग ने यह भी साफ किया कि टीम की रणनीति में कोई बड़ी कमी नहीं है. उनके अनुसार समस्या रणनीति के अमल यानी एक्जीक्यूशन में रही है. उन्होंने कहा कि चयन में बदलाव हो सकते हैं, लेकिन खिलाड़ियों को मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभिषेक शर्मा के साथ-साथ तिलक वर्मा भी अच्छी फॉर्म में नहीं हैं और टीम को इसे ध्यान में रखना होगा.
अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के लगातार फ्लॉप होने से भारत के मिडिल ऑर्डर पर अतिरिक्त दबाव आ गया है. बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले इसे ज्यादा बड़ा मुद्दा नहीं बताया, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में यह समस्या बार-बार सामने आई है. अब जब भारत जिम्बाब्वे के खिलाफ मैदान में उतरेगा, तो टीम चयन और प्रमुख बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर सबकी नजरें होंगी. टूर्नामेंट में बने रहने के लिए भारत को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी.
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