कोहली-रोहित का जिक्र कर क्यों इमोशनल हो गए संजू सैमसन, WI को पीटने के बाद सुनाया डगआउट का किस्सा

करो या मरो मुकाबले में संजू सैमसन ने 50 गेंदों में 97 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दिलाई. खराब फॉर्म से जूझ रहे सैमसन ने दबाव में धैर्य दिखाया और टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया. मैच के बाद वह भावुक नजर आए और अपने संघर्ष भरे सफर को याद किया.

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वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन ने खेली ऐतिहासिक पारी (Photo: ITG) वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन ने खेली ऐतिहासिक पारी (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:01 AM IST

आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में रविवार को कोलकाता के ऐतिहासिक मैदान ईडन गार्डन्स में खेले गए करो या मरो मुकाबले में भारत के बल्लेबाज संजू सैमसन ने ऐसा खेल दिखाया कि हर कोई रोमांचित हो गया. वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच जीतना बेहद जरूरी था और सैमसन ने 50 गेंदों में 97 रन की तूफानी पारी खेलकर भारत को टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा दिया.

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भारत के सामने 196 रन का बड़ा लक्ष्य था. जवाब में टीम ने 19.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया. यह टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत की सबसे बड़ी सफल रन-चेज रही. कोलकाता की भीड़ के सामने सैमसन ने 12 चौके और 4 छक्के लगाए. दो शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद उन्होंने संभलकर पारी को आगे बढ़ाया और दबाव में भी धैर्य नहीं खोया.

क्यों इमोशनल हो गए संजू सैमसन

मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार लेते समय सैमसन की आंखें नम थीं. उन्होंने कहा, यह मेरे लिए पूरी दुनिया जैसा है. जब से क्रिकेट खेलना शुरू किया, देश के लिए खेलने का सपना देखा. मैं इस दिन का इंतजार कर रहा था. मेरे करियर में उतार-चढ़ाव रहे. कई बार खुद से सवाल किया कि क्या मैं सफल हो पाऊंगा? लेकिन विश्वास नहीं छोड़ा. भगवान का शुक्र है कि आज का दिन मुझे देखने को मिला.

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'कोहली और रोहित से सीखा बहुत कुछ'

सैमसन ने माना कि उन्होंने वरिष्ठ खिलाड़ियों से काफी कुछ सीखा है. उन्होंने बताया कि वह करीब दस साल से राष्ट्रीय टीम के आसपास रहे हैं और इस दौरान विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों को करीब से देखा.

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उन्होंने कहा, मैंने भले ही 50-60 मैच खेले हों, लेकिन करीब 100 मैच डगआउट से देखे हैं. बड़े खिलाड़ी मुश्किल हालात में कैसे मैच खत्म करते हैं, यह देखकर बहुत कुछ सीखने को मिला.

बदला हुआ अंदाज बना जीत की वजह

सैमसन ने बताया कि पिछला मैच अलग था, जहां टीम पहले बल्लेबाजी कर रही थी, इसलिए शुरुआत से आक्रामक खेलना था. लेकिन इस मुकाबले में विकेट गिर रहे थे, इसलिए उन्होंने साझेदारी बनाने पर ध्यान दिया और एक-एक गेंद पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने कहा, मैंने कुछ खास करने के बारे में नहीं सोचा. बस अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश की. यह मेरे जीवन के सबसे बड़े दिनों में से एक है.

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खराब फॉर्म से वापसी

साल 2025 के बाद से सैमसन की फॉर्म अच्छी नहीं रही थी. पिछले 13 मैचों में उन्होंने सिर्फ 180 रन बनाए थे और औसत 13.84 का था. पावरप्ले में वह सिर्फ दो बार टिक पाए थे. शुभमन गिल की वापसी के बाद उन्हें बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेजा गया और बाद में टीम से बाहर भी होना पड़ा.

लेकिन इस अहम मुकाबले में उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब दिया और टी20 विश्व कप के इतिहास की बेहतरीन पारियों में से एक खेली. अब सेमीफाइनल में भारत का सामना 5 मार्च को मुंबई में इंग्लैंड से होगा.

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