पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) का आगाज 26 मार्च से हो रहा है. वहीं इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का आगाज 28 मार्च से होगा. दोनों टी20 लीग्स के बीच महज दो दिन का अंतर होने के कारण एक बार फिर शेड्यूल क्लैश ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की चिंता बढ़ा दी है.
पिछले दो सीजन से PSL को इसी तरह की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पारंपरिक रूप से PSL जनवरी-मार्च विंडो में खेली जाती थी, जिससे IPL से टकराव नहीं होता था. लेकिन 2025 में पाकिस्तान में आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के आयोजन के चलते PSL को मार्च-अप्रैल में शिफ्ट करना पड़ा. इसके बाद 2026 में टी20 वर्ल्ड कप फरवरी-मार्च में होने से शेड्यूल और आगे खिसक गया, जिससे IPL के साथ सीधा टकराव बन गया.
इसी टकराव का असर खिलाड़ियों के फैसलों में भी दिख रहा है. IPL में मौके मिलने पर कई विदेशी खिलाड़ियों ने PSL छोड़ना बेहतर समझा, खासकर तब जब उन्हें रिप्लेसमेंट के तौर पर एंट्री मिली.
सबसे चर्चित मामला 2025 में सामने आया था, जब साउथ अफ्रीका के ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश ने PSL कॉन्ट्रैक्ट छोड़कर मुंबई इंडियंस जॉइन किया. उन्हें लिजार्ड के रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया था. इस फैसले के बाद PSL ने बॉश पर एक साल का बैन भी लगाया था.
ऐसे ही मिचेल ओवन को अपना PSL 2025 का समय पूरा करना था, फिर वह ग्लेन मैक्सवेल के कवर के तौर पर पंजाब किंग्स (PBKS) में शामिल हुए थे. ओवन की तरह काइल जैमीसन ने भी मिड-सीजन ब्रेक के बाद 2025 में PSL में वापस नहीं आने का फैसला किया था.
PSL छोड़ने वाले IPL जॉइन करने वाले खिलाड़ी
| खिलाड़ी | PSL | IPL | कारण |
| ब्लेसिंग मुजारबानी | इस्लामाबाद यूनाइटेड | कोलकाता नाइट राइडर्स | मुस्ताफिज़ुर रहमान के रिप्लेसमेंट |
| गुडाकेश मोती | लाहौर कलंदर्स | लखनऊ सुपर जायंट्स | आधिकारिक पुष्टि नहीं (संभावित रिप्लेसमेंट – वानिंदु हसरंगा) |
| स्पेंसर जॉनसन | क्वेटा ग्लैडिएटर्स | चेन्नई सुपर किंग्स | संभावित रिप्लेसमेंट – नाथन एलिस |
| दासुन शनाका | पेपरवर्क के चलते शामिल नहीं हो सके | राजस्थान रॉयल्स | सैम करन के रिप्लेसमेंट (₹2 करोड़) |
वैसे लगातार दूसरे साल PSL को IPL से टकराना पड़ रहा है, जिससे खिलाड़ियों के बीच IPL को प्राथमिकता देने का ट्रेंड बढ़ा है. खासतौर पर रिप्लेसमेंट नियम के कारण खिलाड़ी बीच सीजन लीग बदल रहे हैं.
इससे PSL की टीम कॉम्बिनेशन, प्लानिंग और ब्रांड वैल्यू पर असर पड़ रहा है. अगर आने वाले सालों में शेड्यूल क्लैश जारी रहता है, तो PCB के लिए टॉप विदेशी खिलाड़ियों को बनाए रखना बड़ी चुनौती बन सकता है.
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