पाकिस्तान की टेस्ट क्रिकेट में लगातार गिरावट अब सिर्फ टीम कॉम्बिनेशन या सेलेक्शन की समस्या नहीं रह गई है. बांग्लादेश के खिलाफ 2-0 की हार ने साफ कर दिया कि टीम के अनुभवी खिलाड़ी ही अब सबसे बड़ी चिंता बन चुके हैं. जिन खिलाड़ियों पर मुश्किल वक्त में टीम को संभालने की जिम्मेदारी थी, वही अहम मौकों पर फ्लॉप साबित हुए.
बांग्लादेश ने बुधवार को सिलहट टेस्ट में 78 रन से जीत दर्ज कर पाकिस्तान का क्लीन स्वीप पूरा किया. इसके साथ ही बांग्लादेश ने लगातार चौथी बार पाकिस्तान को टेस्ट क्रिकेट में हराया. पूरी सीरीज में फर्क सिर्फ इतना था कि बांग्लादेश के सीनियर खिलाड़ियों ने दबाव में मैच पलटा, जबकि पाकिस्तान के बड़े नाम असर नहीं छोड़ सके.
ढाका में पहले टेस्ट में पाकिस्तान ने बांग्लादेश का स्कोर पहली पारी 31/2 कर दिया था. यहां से कप्तान नजमुल हसन शांतो और मोमिनुल हक ने 170 रन जोड़कर मैच पाकिस्तान से दूर कर दिया. बाद में मुश्फिकुर रहीम ने भी अहम रन बनाए. पाकिस्तान के गेंदबाज शुरुआत के बाद दबाव बनाए रखने में नाकाम रहे.
पाकिस्तान की बल्लेबाजी में नए खिलाड़ियों ने लड़ाई दिखाई. डेब्यू कर रहे अजान ओवैस ढाका ने शतक (103) लगाया और अबदुल्लाह फजल (60) ने भी रन बनाए, लेकिन सीनियर बल्लेबाज टीम को बढ़त नहीं दिला सके. यही कहानी दूसरी पारी में भी दोहराई गई, जब 268 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने आखिरी छह विकेट सिर्फ 44 रन में गंवा दिए. कप्तान शान मसूद, सऊद शकील और मोहम्मद रिजवान बड़ी पारी नहीं खेल सके.
अब बात सिलहट टेस्ट की..... सिलहट टेस्ट में भी पाकिस्तान ने मैच पर पकड़ बनाई थी. बांग्लादेश 116/6 पर संघर्ष कर रहा था, लेकिन लिटन दास ने 126 रन बनाकर मुकाबला पलट दिया. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज आखिरी झटका नहीं दे सके.
इसके बाद पाकिस्तान के अनुभवी बल्लेबाज फिर नाकाम रहे. बाबर आजम ने 68 रन जरूर बनाए, लेकिन टीम को बड़ी पारी की जरूरत थी. रिजवान 13 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि सलमान भी असर नहीं छोड़ सके. पाकिस्तान पहली पारी में सिर्फ 232 रन पर सिमट गया.
दूसरी पारी में बांग्लादेश 115/4 था, लेकिन फिर मुश्फिकुर और लिटन ने साझेदारी कर पाकिस्तान को मैच से बाहर कर दिया. पाकिस्तान के अनुभवी गेंदबाज इस साझेदारी को तोड़ने में नाकाम रहे. 437 रन के लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तान ने चौथी पारी में रन जरूर बनाए, लेकिन तब तक मैच पूरी तरह हाथ से निकल चुका था.मसूद ने 71, बाबर ने 47, रिजवान ने 94 और सलमान ने 71 रन बनाए थे.
पूरी सीरीज के आंकड़े भी यही कहानी बताते हैं. बांग्लादेश के लिए सबसे ज्यादा रन मुश्फिकुर, लिटन, शांतो और मोमिनुल ने बनाए. गेंदबाजी में 34 साल के तैजुल इस्लाम ने 13 विकेट लिए, जबकि तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने 11 विकेट झटके. पाकिस्तान के लिए अब्बास 10 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे.
बांग्लादेश सीरीज में कैसा रहा प्रदर्शन
पूरी सीरीज के आंकड़े पाकिस्तान के सीनियर खिलाड़ियों की असफलता की कहानी बताते हैं. रिजवान सबसे ज्यादा 181 रन बना सके, जबकि बाबर, मसूद और शकील लगातार संघर्ष करते रहे. गेंदबाजी में शाहीन उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों का औसत लगातार खराब रहा.
2022 के बाद पाकिस्तान ने 28 टेस्ट में सिर्फ सात जीत दर्ज की हैं. मसूद की कप्तानी में टीम 16 में से 12 टेस्ट हार चुकी है. विदेशी जमीन पर लगातार सात टेस्ट हारना बताता है कि समस्या सिर्फ युवा खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि उन सीनियर खिलाड़ियों की भी है जिन पर टीम का पूरा ढांचा टिका हुआ है.
बांग्लादेश सीरीज ने यही दिखाया कि पाकिस्तान के बड़े खिलाड़ी अब मैच जिताने वाले प्रदर्शन नहीं दे पा रहे. दूसरी ओर बांग्लादेश के अनुभवी खिलाड़ी हर अहम मौके पर टीम के लिए खड़े हुए और यही दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा अंतर साबित हुआ.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क