हेलिकॉप्टर शॉट, अटूट धैर्य, ना हारने का जज्बा और ये कॉन्फिडेंस कि - मैं कर सकता हूं चाहे कुछ भी हो जाए.
ये 21 साल के मुकुल चौधरी की 9 अप्रैल 2026 की रात को आई पारी की कहानी को बयां करने के लिए कुछ शब्द हैं. वो इस इरादे से ही ईडन गार्डन्स पर मैदान पर आए कि बिना जीत के तो डगआउट में जाना नहीं है. ठीक हुआ भी वही, उन्होंने अपने बल्ले से जो 'मिडास टच' दिखाया वो ईडन का ऐतिहासिक मैदान लंबे अर्से तक याद रखेगा. वो अंत तक टिके रहे, डटे रहे और मारते रहे....
जब मुकुल लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए तब अब्दुल समद आउट होकर लौट रहे थे, और स्कोरबोर्ड 104/5 था. 12.5 ओवर का खेल हो चुका था. यहां से लखनऊ को जीत के लिए 43 गेंदों पर 78 रन चाहिए थे. और यहीं से एक नया इतिहास क्रिकेट के पन्नों में दर्ज होने के लिए तैयार हो चुका था.
थोड़ी देर बाद 14.4 ओवर में आयुष बदोनी आउट हो गए, स्कोर 125/6 हो गया. लगा कि लखनऊ की कहानी कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खत्म. लगा मैच फंस जाएगा और कोलकाता को इस टूर्नामेंट की पहली जीत मिलेगी.
लेकिन राजस्थान के झुंझनूं में पैदा हुए मुकुल चौधरी के इरादे तो कुछ और ही थे, वो तय कर चुके थे कि जीत से कम कुछ भी नहीं चाहें कुछ हो .16 ओवर के समापन पर मोहम्मद शमी के आउट होने के बाद 128/7 हो गया. फिर लगा कि मैच KKR के पक्ष में चला जाएगा.
यहीं से मुकुल चौधरी ने ऐसा खूंटा गाड़ा कि अपनी टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटे. 17वें ओवर में मुकुल ने 11 रन, 18वें ओवर में 13 रन, 19वें ओवर में 16 रन बटोरे. वहीं आखिरी ओवर में मुकुल के दो छक्के फोड़े और टीम को जीत दिलाई. उनके कई शॉट में धोनी के ट्रेडमार्क हेलिकॉप्टर शॉट के भी दर्शन हुए.
मुकुल चौधरी की आवेश खान के साथ 54 गेंदों की पार्टनरशिप 24 गेंदों पर हुई, इसमें आवेश खान ने 3 गेंदों में 1 रन बनाए. वहीं मुकुल ने 21 गेंदों पर 52 रन बनाए. वैसे मुकुल ने 27 गेंदों में 54 रनों की पारी खेली, जिसमें 7 छक्के शामिल रहे और 2 छक्के आए.
खास बात यह रही कि मुकुल चौधरी के इस पारी में '7' और '54' नंबर का भी एक गजब का संयोग नजर आया, आइए इस नंबरगेम को समझ लेते हैं
IPL में मुकुल की पारी में 7 का संयोग
मुकुल की पारी और 54 रन का संयोग
Krishan Kumar