सोच मत, बस मार! ऋषभ भइया की सलाह कैसे बनी मुकुल चौधरी के लिए गुरुमंत्र , धोनी को क्यों किया याद?

मुकुल चौधरी ने KKR के खिलाफ 27 गेंदों में नाबाद 54 रन बनाकर LSG को हारी बाजी जिताई. 128/7 की मुश्किल स्थिति से उन्होंने टीम को जीत दिलाई. उन्होंने बताया कि ऋषभ पंत की सलाह- ज्यादा मत सोचो, गेंद देखो और मारो ने उनकी सोच बदली. यह पारी उन्होंने अपने पिता और एमएस धोनी को समर्पित की.

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 LSG की हार को जीत में बदला, ऋषभ पंत के मंत्र ने बनाया मुकुल को मैच विनर (Photo: X/LucknowIPL) LSG की हार को जीत में बदला, ऋषभ पंत के मंत्र ने बनाया मुकुल को मैच विनर (Photo: X/LucknowIPL)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • कोलकाता,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:38 AM IST

KKR vs LSG: मुकुल चौधरी का नाम अब ईडन गार्डन्स में लंबे समय तक गूंजता रहेगा. 21 साल के इस युवा बल्लेबाज ने आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए ऐसी पारी खेली, जिसने हारी हुई बाजी को जीत में बदल दिया.

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ 9 अप्रैल को ईडन गार्डन्स में हुए मुकाबले में LSG एक समय 16 ओवर में 128/7 पर संघर्ष कर रही थी. जीत लगभग नामुमकिन लग रही थी, लेकिन मुकुल ने मोर्चा संभाला और 27 गेंदों में नाबाद 54 रन ठोककर टीम को यादगार जीत दिला दी.

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पंत की सलाह बनी गेम चेंजर
मैच के बाद मुकुल ने खुलासा किया कि कप्तान ऋषभ पंत की एक सलाह ने उनकी सोच बदल दी.उन्होंने बताया, 'मैं पहले जल्दीबाज़ी करता था, लेकिन अब प्रोसेस पर ध्यान देता हूं. पिछली पारी में मैं 4-5 गेंद ही खेल पाया था, इसलिए मैंने पंत भैया से बात की. उन्होंने कहा, ज्यादा मत सोचो, गेंद देखो और मारो. अगर ज्यादा सोचोगे तो प्रेशर बढ़ेगा. और यही  सलाह मुकुल के लिए मैच टर्निंग पॉइंट साबित हुई.

128/7 से द‍िलाई लखनऊ को जीत 
जब विकेट लगातार गिर रहे थे, तब मुकुल ने धैर्य दिखाया. उन्होंने कहा,'जब आयुष भैया आउट हुए तो लगा कि अब मुझे जिम्मेदारी लेनी होगी. मैंने सिर्फ मैच को आखिरी तक ले जाने के बारे में सोचा, जीत-हार के बारे में नहीं. यही सोच उन्हें अंत तक टिकाए रखी और आखिरकार उन्होंने मैच फिनिश कर दिया.

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आखिरी ओवर में मुकुल चौधरी ने कर दिया गेम 
आखिरी ओवर में 14 रन चाहिए थे. 4 गेंद में 7 रन बचने पर भी मुकुल का आत्मविश्वास बरकरार था.उन्होंने कहा- मुझे पता था कि गेंदबाज एक गेंद जरूर मिस करेगा. उसी गेंद को छक्का मारना है. पहली दो गेंद डॉट गईं, लेकिन मुझे भरोसा था कि मौका मिलेगा. और वही हुआ, एक गलती, और मैच खत्म हो गया. 

मैच प्रेशर पर क्या बोले मुकुल?
मुकुल ने माना कि दबाव हर खिलाड़ी पर होता है, चाहे वो नया हो या अनुभवी. यह मेरा पहला सीजन है. प्रैक्टिस मैच में भी प्रेशर होता है. घरेलू क्रिकेट में अच्छा करने के बाद ही यहां मौका मिलता है. लेकिन यही मौका पहचान बनाने का भी होता है.

पिता और धोनी को समर्पित पारी
इस शानदार पारी को मुकुल ने अपने पिता दलिप कुमार चौधरी को समर्पित किया, जिनका सपना था कि उनका बेटा क्रिकेट खेले. साथ ही उन्होंने बताया कि वो बचपन से एमएस धोनी को फॉलो करते आए हैं.

मुकुल ने कहा- मैं उसी पोजिशन पर बल्लेबाजी करता हूं और धोनी सर को देखकर सीखा है कि मैच कैसे फिनिश करते हैं. यह पारी मैं उन्हें भी समर्पित करता हूं.
यह भी पढ़ें: मुकुल चौधरी के 'हेलिकॉप्टर' से KKR ढेर! 7 पॉइंट में छ‍िपी है LSG की महाजीत की कहानी

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कौन हैं मुकुल चौधरी 
मुकुल चौधरी राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं. उन्होंने अंडर-23 लेवर पर शानदार प्रदर्शन कर पहचान बनाई. इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 5 पारियों में 173 रन बनाए, जहां उनका स्ट्राइक रेट 198.85 रहा.उनकी इसी विस्फोटक फॉर्म को देखते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स ने IPL 2026 के ऑक्शन में उन्हें 2.60 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया.

 

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