आईपीएल में कई तूफान आए, लेकिन ऐसा बदला कम ही देखा गया- जहां जवाब सोचकर नहीं, सीधे बल्ले से दिया गया. राजस्थान रॉयल्स (RR) के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 12 दिन पुराना हिसाब ऐसे चुकाया कि सामने खड़ी सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की पूरी रणनीति ध्वस्त हो गई.
13 अप्रैल, हैदराबाद का मैदान. सामने थे राजस्थान रॉयल्स (RR) और मेजबान सनराइजर्स हैदराबाद (SRH). 217 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य... और इस पहाड़ पर चढ़ने उतरी राजस्थान की टीम को अंदाजा भी नहीं था कि सामने से कोई तूफान आने वाला है- नाम था प्रफुल्ल हिंगे.
यह कोई साधारण डेब्यू नहीं था. यह था एक ऐसा आगाज, जिसने आईपीएल की स्क्रिप्ट को पहले ही ओवर में हिला दिया.पहली ही गेंद… और शून्य से शुरू हुआ आतंक.
15 साल के वैभव सूर्यवंशी क्रीज पर थे. उम्मीदें थीं, लेकिन जो हुआ उसने उम्मीदों को झटका दे दिया. हिंगे ने गेंद पटकी, सूर्यवंशी ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन टाइमिंग गड़बड़… और गेंद हवा में. आसान कैच. आउट.
हैदराबाद में शोर नहीं, सन्नाटा गूंजा
सूर्यवंशी के बाद ध्रुव जुरेल, फिर लुआन-ड्रे प्रिटोरियस... पहले ही ओवर में राजस्थान की कमर टूट चुकी थी. स्कोर 3/1… और पूरा मैच जैसे शुरुआती 6 गेंदों में ही झुक गया.
डेब्यूटेंट हिंगे, नागपुर से आया यह नाम- आईपीएल के नक्शे पर स्थायी निशान छोड़ चुका था. लेकिन क्रिकेट की कहानी कभी एक तरफ नहीं चलती.
तारीख बदली- 25 अप्रैल. मैदान बदला- जयपुर. लेकिन मुकाबला वही... फिर आमने-सामने वही टीमें- Rajasthan Royals Vs Sunrisers Hyderabad.
और इस बार कहानी बदले की थी.
वैभव सूर्यवंशी इस बार सिर्फ बल्लेबाज नहीं थे… वो एक मिशन पर थे. सामने फिर वही गेंदबाज- प्रफुल्ल हिंगे. कप्तानी पर लौटे हुए थे पैट कमिंस. शायद उन्हें लगा होगा- पहली बार जैसा ही दबदबा फिर बनेगा. लेकिन क्रिकेट ने यहां पलटी मार दी.
0.1 ओवर- यशस्वी जायसवाल ने 1 रन लिया
0.2 ओवर- वैभव के लिए पहली गेंद- डॉट
बस यहीं से कहानी पलटी.
इसके बाद जो हुआ, उसने हिंगे के डेब्यू की सारी चमक को एक झटके में धुंधला कर दिया.
वैभव सूर्यवंशी का तूफान शुरू हुआ.
- तीसरी गेंद- छक्का
- चौथी गेंद- छक्का
- पांचवीं गेंद- छक्का
- छठी गेंद- छक्का
यानी पहले ही ओवर में चार लगातार छक्के.
जिस गेंदबाज ने कुछ दिन पहले पूरे राजस्थान को झुका दिया था, वही गेंदबाज अब पूरी तरह बिखर चुका था. हिंगे खामोश थे… और सूर्यवंशी जवाब दे रहे थे- शब्दों से नहीं, बल्ले से.
हिंगे को ओवर से हटा लिया गया और यह बदलाव सिर्फ रणनीति नहीं था… यह आत्मविश्वास का टूटना था.
मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी का बयान और भी सनसनीखेज था.
'हां… मैं सोचकर ही गया था उस बॉलर के खिलाफ. बोल के नहीं… बैट से जवाब देना चाहिए.'
यह सिर्फ एक बयान नहीं था. यह एक चेतावनी थी कि नया आईपीएल सिर्फ स्कोरकार्ड नहीं, हिसाब भी लिख रहा है.
और फिर आया विस्फोट-
- 15 गेंदों में अर्धशतक
- 36 गेंदों में शतक
- 37 गेंदों में 103 रनों की पारी
आंकड़े चीख रहे हैं
पुरुष टी20 क्रिकेट में सबसे कम पारियों में 4 शतक लगाने के मामले में वैभव सूर्यवंशी ने नया मानक स्थापित कर दिया है. उन्होंने सिर्फ 26 पारियों में यह उपलब्धि हासिल कर ली और सबसे ऊपर पहुंच गए हैं. उनके बाद इस सूची में उस्मान खान हैं, जिन्होंने 33 पारियों में चार शतक पूरे किए. बी साई सुदर्शन ने इसके लिए 72 पारियां लीं, जबकि दिग्गज क्रिस गेल के नाम 77 पारियों में यह रिकॉर्ड दर्ज है. माइकल क्लिंगर 88 पारियों के साथ इस सूची में शामिल हैं।
पुरुष टी20 क्रिकेट में सबसे कम पारियों में 4 शतक लगाने वाले बल्लेबाज
26 – वैभव सूर्यवंशी
33 – उस्मान खान
72 – बी साई सुदर्शन
77 – क्रिस गेल
88 – माइकल क्लिंगर
मैच का नतीजा भले ही राजस्थान के पक्ष में नहीं रहा हो, लेकिन कहानी का असली विजेता कहीं और था.
हिंगे, जिसने डेब्यू पर आग लगाई थी... उसी आग में खुद झुलसते दिखे. और वैभव सूर्यवंशी- जिसे पहले ही ओवर में गिराया गया था- वही खिलाड़ी अब इतिहास में सबसे तेज 4 टी20 शतकों की रेस में सबसे आगे खड़ा है. यह सिर्फ एक मैच नहीं था. यह क्रिकेट की सबसे तेज बदले की कहानी थी.
विश्व मोहन मिश्र