गंभीर बोले- जब टीम इंडिया लड़खड़ा रही थी तब धोनी ने संभाला

गंभीर ने आगे कहा, "मैं सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग और धोनी के मार्गदर्शन में खेला. मुझे लगता है कि सबसे ज्यादा मैंने धोनी की कप्तानी में खेल का आनंद लिया. हमने खूब मौज की. हम एक ही उम्र सीमा के आसपास के हैं. वह हमेशा मस्त रहते हैं. उन्होंने हर चीज को बेहद सामान्य रखा, जो कि सबसे अच्छी बात थी."

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धोनी-गौतम गंभीर धोनी-गौतम गंभीर

कौशलेन्द्र बिक्रम सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 10 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 7:32 AM IST

भारत ने भले ही न्यूजीलैंड से T-20 सीरीज जीत ली हो लेकिन इस सीरीज के दूसरे मैच में धोनी की असफल बल्लेबाजी पर छिड़ी बहस खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही. गौरतलब है कि इस मैच में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी 50 रन भी नहीं बना पाए थे. देश के पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी आलोचना की तो कई खिलाड़ियों ने उनके पक्ष में भी बातें कहीं. अब उसी बहस में उतरा नया नाम है गौतम गंभीर.

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कोलकाता नाइट राइडर्स के साप्ताहिक टीवी शो नाइट क्लब में गंभीर बोले, "आपको श्रेय देना चाहिए. लोगों ने उनकी कप्तानी की आलोचना की. उन्होंने जो भारतीय टीम के लिए किया, बहुत सारे लोग वे चीजें नहीं कर पाए. उन्होंने टीम की लड़खड़ाती हालत को संभाला. अच्छा वक्त तो संभालना आसान होता है. लेकिन जिस तरह वह बुरे दौर से निपटे, वह असाधारण है. खासकर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के साथ हुए मैचों पर भी वह बेहद शांत थे, जैसे कि वह आमतौर पर रहते हैं. वह ज्यादा जज्बात जाहिर नहीं करते. मुझे लगता है कि इसके लिए ढ़ेर सारा श्रेय माही को जाता है."

गंभीर ने आगे कहा, "मैं सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग और धोनी के मार्गदर्शन में खेला. मुझे लगता है कि सबसे ज्यादा मैंने धोनी की कप्तानी में खेल का आनंद लिया. हमने खूब मौज की. हम एक ही उम्र सीमा के आसपास के हैं. वह हमेशा मस्त रहते हैं. उन्होंने हर चीज को बेहद सामान्य रखा, जो कि सबसे अच्छी बात थी."

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मैच के बाद कोहली ने धोनी का बचाव करते हुए कहा था, "मुझे समझ नहीं आता लोग सिर्फ उनके ऊपर उंगली क्यों उठा रहे हैं. अगर मैं 3 मैच में रन ना बनाऊं तो मेरे ऊपर कोई उंगली नहीं उठाएगा क्योंकि मैं 35 साल का नहीं हूं, तो उनके साथ ऐसा क्यों. राजकोट में उस समय स्थिति ऐसी थी कि अगर हार्दिक पंड्या बल्लेबाजी के लिए आता तो उसय वो भी रन नहीं बना सकता था. किसी को भी धोनी पर सवाल उठाने का कोई हक नहीं है."

वीवीएस लक्ष्मण ने इसी मुद्दे पर कहा था कि मैच में जब विराट कोहली और धोनी क्रीज पर थे, तब धोनी स्ट्राइक विराट को दे रहे थे. कोहली की स्ट्राइक रेट 160 थी तो वहीं धोनी की स्ट्राइक रेट 80 थी, जो कि उस वक्त के लिए काफी नहीं था क्योंकि उस वक्त टीम इंडिया बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही थी.

लक्ष्मण की टिप्पणी थी, "मुझे लगता है कि अब वक्त आ गया है कि टी-20 मैचों में नए खिलाड़ियों को मौका दें."

अजीत अगरकर ने कहा था, "मुझे लगता है कि अब इंडिया को विकल्प तलाशना चाहिए, कम से कम टी-20 के लिए तो यह जरूरी है. हालांकि एकदिवसीय मैचों में धोनी के प्रदर्शन से टीम इंडिया संतुष्ट है."

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