सिक्योरिटी तो सिर्फ बहाना है! अपने सबसे बड़े क्रिकेट स्टार को कब सुरक्षा देगा बांग्लादेश, देश से बाहर रहने को मजबूर

बांग्लादेशी क्रिकेट टीम सिक्योरिटी का हवाला देकर भारत आकर टी20 वर्ल्ड कप नहीं खेला चाहती, जबकि बांग्लादेश की खुद की आंतरिक स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण बांग्लादेश के अनुभवी ऑलराउंडर शाकिब अल हसन हैं, जो अपने ही देश लौटने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

Advertisement
बांग्लादेश की स्थिति कुछ ठीक नहीं, शाकिब अल हसन अमेरिका में रह रहे. (Photo: ITG) बांग्लादेश की स्थिति कुछ ठीक नहीं, शाकिब अल हसन अमेरिका में रह रहे. (Photo: ITG)

अनुराग कुमार झा

  • नई दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST

मुस्ताफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अपनी टीम को आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत भेजने से इनकार कर दिया. बीसीबी चाहता है कि उसकी टीम के मुकाबले भारत की बजाय अब श्रीलंका में आयोजित किए जाएं. बीसीबी ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है, जो पूरी तरह बेबुनियाद नजर आता है. भारत ने बार-बार साबित किया है कि वह बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की मेजबानी के साथ-साथ उच्च स्तर की सुरक्षा और बेहतर आतिथ्य देने में सक्षम है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 रहा, जहां पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों और वहां के मीडिया ने भी खुले तौर पर भारत की सराहना की थी.

Advertisement

बांग्लादेश में हालिया महीनों में हिन्दुओं के प्रति जो अत्याचार बढ़ा है, वो पूरा विश्व देख रहा है. बांग्लादेश सरकार ने मुस्ताफिजुर रहमान की रिलीज को भारत की सुरक्षा से जोड़ने की कोशिश की, जबकि सच्चाई यह है कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने इन हालिया घटनाक्रमों के चलते ही मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर करने का निर्देश दिया था. मुस्ताफिजुर को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने आईूपीएल 2026 की मिनी नीलामी के दौरान 9.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम से जोड़ा था, जिसके बाद ही इस फ्रेंचाइजी की जमकर आलोचना हो रही थी. राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं और साधु-संतों ने विरोध जताते हुए सवाल उठाया कि जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की खबरें सामने आ रही हैं, तो ऐसे में किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल में खेलने की अनुमति देना कितना उचित है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: बांग्लादेश के मैच भारत से बाहर कराना मुश्किल! वर्ल्ड कप से पहले असमंजस में ICC

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की ओर से सिक्योरिटी को लेकर सिर्फ बहाना बनाया जा रहा है, जबकि उसके देश की आंतरिक स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर नजर आती है. बांग्लादेश में अल्पसंख्यों की स्थिति तो ठीक नहीं है. अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने हिन्दुओं और बाकी अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे जुल्म के खिलाफ कठोर रुख नहीं अपनाया है. यही नहीं बांग्लादेश में बहुसंख्यक भी निशाने पर हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण बांग्लादेश के सबसे बड़े क्रिकेट स्टार शाकिब अल हसन हैं, जो लंबे समय से अपने ही देश से बाहर रहने को मजबूर हैं.

शाकिब अल हसन पर एक छात्र की हत्या के मामले में शामिल होने का आरोप है. हालांकि, जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त शाकिब कनाडा में एक टी20 लीग खेल रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उनका नाम एफआईआर में दर्ज किया गया. यह घटना 5 अगस्त 2024 की है, जब रुबेल नामक छात्र एडबोर इलाके में रिंग रोड पर एक विरोध मार्च में शामिल हुआ. आरोप लगा कि रैली के दौरान एक सुनियोजित साजिश के तहत भीड़ पर फायरिंग की गई, जिसके चलते रुबेल की मौत हो गई. इस केस में शाकिब के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, ओबैदुल कादर और 154 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था. शाकिब पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित थे क्योंकि उन्होंने हसीना की अगुवाई आवामी लीग की तरफ से संसदीय चुनाव में हिस्सा लिया था और जीत हासिल की थी. हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में हालात बिगड़ गए.

Advertisement
मुशफिकुर रहीम और शाकिब अल हसन बांग्लादेश क्रिकेट के स्तंभ रहे हैं. (Photo: Getty)

शाकिब अल हसन की इच्छा है कि वो क्रिकेट के तीनों ही फॉर्मेट में अपने देश के लिए फेयरवेल मुकाबले घरेलू मैदान पर खेलें, लेकिन मौजूदा हालात ने उस सपने को भी अधूरा छोड़ दिया है. हालात इतने गंभीर हैं कि वो अपनी फैमिली संग संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में रह रहे हैं और निकट भविष्य में उनके बांग्लादेश लौटने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने खुद शाकिब को साफ तौर पर बता दिया कि उन्हें किसी भी तरह की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती. इसी वजह से शाकिब बांग्लादेश नहीं लौट पाए हैं. गिरफ्तारी की आशंका और सुरक्षा चिंताओं के चलते शाकिब अल हसन का स्वदेश लौटना फिलहाल संभव नहीं दिखता.

38 वर्षीय शाकिब अल हसन बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास के सबसे बेहतीन प्लेयर माने जाते हैं, उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए हर फॉर्मेट में लगातार दमदार प्रदर्शन किया है. टेस्ट क्रिकेट में शाकिब ने 71 मैचों में 37.78 की औसत से 4609 रन बनाए और साथ ही 246 विकेट भी अपने नाम किए, जो उनके दबदबे को दर्शाता है. वनडे फॉर्मेट में भी शाकिब का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है. उन्होंने 247 वनडे इंटरनेशनल मुकाबलों में 7570 रन बनाए और गेंदबाजी में 317 विकेट हासिल किए. 

Advertisement

टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में शाकिब ने 129 मैचों में 2551 रन जोड़े और 149 विकेट झटके, जिससे वह इस फॉर्मेट में भी बांग्लादेश के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा शाकिब को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का भी लंबा अनुभव रहा है. उन्होंने आईपीएल में 71 मुकाबले खेले, जहां उनके नाम पर 793 रन और 63 विकेट दर्ज हैं. यह आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि शाकिब सिर्फ बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि दुनिया के टॉप ऑलराउंडरों में से एक रहे हैं.

ऐसे अनुभवी और सफल खिलाड़ी का अपने ही देश में सुरक्षा के अभाव में लौट न पाना, बांग्लादेश की आंतरिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है, साथ ही भारत में सुरक्षा पर उठाए जा रहे सवाल और भी ज्यादा खोखले और भ्रामक नजर आते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement