अफगानिस्तान की शरणार्थी महिला क्रिकेट टीम को इंटरनेशनल लेवल पर बड़ा सहारा मिला है. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने घोषणा की है कि वह 22 जून से अफगानिस्तान रिफ्यूजी विमेंस टीम की मेजबानी करेगा. इस दौरे में टी20 मुकाबले, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम और कई विशेष गतिविधियां शामिल होंगी.
इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन ECB, मेरिलबोर्न क्रिकेट क्लब (MCC) और एमसीसी फाउंडेशन के साथ मिलकर करेगा. दौरे का सबसे खास हिस्सा यह रहेगा कि अफगान खिलाड़ी 5 जुलाई को लॉर्ड्स में होने वाले महिला टी20 विश्व कप (ICC Women's T20 World Cup 2026) फाइनल को भी स्टेडियम में बैठकर देखेंगी.
यह दौरा इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इस टीम में वे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्हें अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद अफगानिस्तान छोड़ना पड़ा था. तालिबान शासन के बाद महिलाओं को खेल और सार्वजनिक जीवन से लगभग बाहर कर दिया गया था.
कई खिलाड़ी बाद में ऑस्ट्रेलिया में जाकर बस गईं, जहां उन्होंने क्रिकेट खेलना जारी रखा. जनवरी 2025 में इन खिलाड़ियों ने मेलबर्न के जंक्शन ओवल में क्रिकेट विदाउट बॉर्डर्स XI (Cricket Without Borders XI) के खिलाफ मुकाबला भी खेला था. यह मैच महिला एशेज टेस्ट से पहले आयोजित हुआ था और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इसका लाइव स्ट्रीम भी किया था.
ECB की डिप्टी CEO और इंग्लैंड विमेंस टीम की मैनेजिंग डायरेक्टर क्लेयर कॉनर ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने बेहद मुश्किल हालात में भी क्रिकेट से अपना रिश्ता नहीं टूटने दिया.
उन्होंने कहा- 2021 में अफगानिस्तान से विस्थापित होने के बाद भी इन खिलाड़ियों ने जिस मजबूती और हिम्मत के साथ क्रिकेट जारी रखा, वह प्रेरणादायक है. हमने It's Game On के साथ मिलकर ऐसा कार्यक्रम तैयार किया है जो इन खिलाड़ियों के लिए यादगार और खास साबित हो.
क्लेयर कॉनर ने आगे कहा कि क्रिकेट को हमेशा समावेश और अवसर का समर्थन करना चाहिए और ECB इस दौरे की मेजबानी कर गर्व महसूस कर रहा है.
इन खिलाड़ियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने और लगातार समर्थन देने में ‘It’s Game On’ संस्था की बड़ी भूमिका रही है. इस संस्था की सह-संस्थापक और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मेल जोंस ने अफगान खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया पहुंचाने में अहम योगदान दिया था.
मेल जोन्स ने कहा- यह दौरा बड़ा कदम जरूर है, लेकिन इससे यह भी साफ होता है कि अभी काफी काम बाकी है. इन खिलाड़ियों ने सबकुछ खोने के बावजूद क्रिकेट के प्रति अपना समर्पण बनाए रखा. उन्हें दुनिया के क्रिकेट समुदाय का हिस्सा माना जाना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मौके बेहद मायने रखते हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में लगातार और ठोस समर्थन की जरूरत होगी ताकि इन खिलाड़ियों को स्थायी अवसर मिल सकें.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क