जब इंडिया गठबंधन बन रहा था तब ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार को संयोजक बनने से रोक दिया था, जिससे नीतीश काफी नाराज हुए. उनकी नाराजगी के कारण ही उन्होंने गठबंधन से अलग होने का निर्णय लिया. इसके बाद राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन ममता ने किसी की नहीं सुनी. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस को एक भी सीट देने से इनकार कर दिया. कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी की हार सुनिश्चित करने के लिए क्रिकेटर युसूफ पठान को मैदान में उतारा गया.