अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले बढ़ते बयानबाजी ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है. ट्रंप की कड़ी चेतावनी और सैन्य संकेतों के बीच इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है. यह वार्ता न केवल दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करेगी, बल्कि मिडिल ईस्ट की स्थिरता और वैश्विक तेल बाजार पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है.