करीब दो दशकों तक बिहार की राजनीति का चेहरा रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ एक युग का अंत हो गया. 2005 में ‘सुशासन’ के वादे के साथ शुरू हुई उनकी पारी 2026 में राजनीतिक संक्रमण के संदेश के साथ खत्म हुई. बदलती प्राथमिकताएं, गठबंधन की राजनीति और विकास के एजेंडे ने उनके पूरे कार्यकाल को परिभाषित किया. अब सबकी नजरें इस पर हैं कि बिहार की कमान किसके हाथों में जाएगी