अवैध और फर्जी मदरसों का पता लगाने के लिए गहराई से जांच की जा रही है ताकि छात्रों की सही संख्या और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके. इसके साथ ही सरकारी अनुदान का उचित उपयोग भी चेक किया जा रहा है. इसके लिए अनुदानित मदरसों को निर्देश दिया गया है कि वे शिक्षकों और बच्चों का पूरा डाटा ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करें.