चढ़ावे की गिनती सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक पहली शिफ्ट में होती थी और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 से रात 9 बजे तक चलती थी. चढ़ावा चोरी की घटना दूसरी शिफ्ट यानि दोपहर 2 से रात 9 बजे की पाली में हुई थी. सभी आरोपी भी इसी शिफ्ट में काम करते थे जिससे चढावा चोरी करना उनके लिए आसान था. शाम की पाली में होने की वजह से चोरी को अंजाम देना आरोपियों के लिए ज्यादा सुविधाजनक साबित हुआ.