Vastu Tips For Ancestors Photo: क्या आप जानते हैं कि पूर्वजों की फोटो का संबंध घर की आर्थिक स्थिति से भी होता है? जी हां, सही सुना आपने. घर में पूर्वजों (पितरों) की तस्वीर लगाना केवल उनके प्रति सम्मान प्रकट करना नहीं है, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार इसका हमारे जीवन, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति पर सीधा असर पड़ता है. मान्यता है कि यदि पितरों की तस्वीर सही दिशा और सही तरीके से न रखी जाए, तो घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है और पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में पूर्वजों की फोटो रखते समय निम्नलिखित नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
1. सही दिशा का चुनाव
वास्तु शास्त्र में पूर्वजों की तस्वीर लगाने के लिए केवल एक ही दिशा को सबसे उत्तम माना गया है. पूर्वजों की तस्वीर हमेशा घर की दक्षिण दिशा की दीवार पर इस तरह लगानी चाहिए कि उनका मुख उत्तर दिशा की ओर रहे. दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना जाता है, इसलिए इस दिशा में तस्वीर लगाने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद बना रहता है.
2. भूलकर भी इन जगहों पर न लगाएं तस्वीर
पूजा घर या मंदिर में- कई लोग श्रद्धावश पूर्वजों की तस्वीर को भगवान के साथ मंदिर में रख देते हैं, जो वास्तु के अनुसार गंभीर दोष है. देव और पितर दोनों का स्थान अलग होता है. भगवान के साथ पितरों की तस्वीर रखने से देव दोष लगता है और घर की सुख-शांति भंग हो सकती है.
बेडरूम- बेडरूम में पूर्वजों की तस्वीर लगाने से वैवाहिक जीवन में तनाव आ सकता है और मानसिक अशांति बढ़ती है.
रसोई घर- किचन में अन्नपूर्णा का वास होता है. यहां पितरों की तस्वीर रखने से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है.
घर के केंद्र (ब्रह्मस्थान) में- घर के ठीक बीचोबीच या ऐसी जगह जहां से घर में आते-जाते समय बार-बार नजर पड़े, वहां तस्वीर नहीं लगानी चाहिए. इससे मन में उदासी और नकारात्मकता का भाव आता है.
3. जीवित लोगों के साथ न लगाएं फोटो
कभी भी पूर्वजों की तस्वीर के साथ घर के किसी जीवित सदस्य की तस्वीर न लगाएं और न ही पास में टांगें. ऐसा करने से जीवित व्यक्ति की आयु और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
4. तस्वीर लगाने का सही तरीका
लटकाकर न रखें, शेल्फ पर रखें: पितरों की तस्वीर को दीवार पर सीधे लटकाने के बजाय यदि किसी लकड़ी के स्टैंड या शेल्फ (मेज) पर दक्षिण दीवार के सहारे रखा जाए, तो वह अधिक शुभ माना जाता है.
ऊंचाई का ध्यान रखें: तस्वीर को न तो फर्श के बहुत करीब रखें और न ही बहुत ज्यादा ऊंचाई पर. इसे आंखों के समानांतर या थोड़े ऊंचे स्थान पर सम्मानपूर्वक रखना चाहिए.
एक से ज्यादा तस्वीरें न लगाएं: घर में सभी पूर्वजों की अलग-अलग तस्वीरें लगाने के बजाय, मुख्य पितरों की एक या दो तस्वीरें ही लगाएं. पूरे घर को तस्वीरों से न भरें.
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