Yogini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है और आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है. यह व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम माना गया है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस बार योगिनी एकादशी 10 जुलाई यानी कल मनाई जाएगी.
लेकिन, एकादशी व्रत के कुछ कड़े नियम होते हैं. यदि इस दिन अनजाने में भी कुछ गलतियां हो जाएं, तो व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है. आइए जानते हैं कि योगिनी एकादशी के दिन आपको कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए.
चावल का सेवन न करें
एकादशी के दिन सबसे बड़ा नियम चावल न खाने का है. शास्त्रों के अनुसार, एकादशी तिथि पर चावल खाना पूरी तरह वर्जित माना गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन चावल का सेवन करने से अगला जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में होता है. इसलिए व्रत न रखने वाले परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस दिन चावल नहीं खाना चाहिए.
तुलसी दल न तोड़ें
भगवान विष्णु की पूजा तुलसी के बिना अधूरी मानी जाती है, लेकिन एकादशी तिथि के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित करना और उसके पत्ते तोड़ना सख्त वर्जित होता है. माना जाता है कि एकादशी के दिन माता तुलसी भी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इसलिए पूजा के लिए तुलसी के पत्ते एक दिन पहले (दशमी तिथि को) ही तोड़कर रख लें.
तामसिक भोजन और नशीली चीजों से दूरी
योगिनी एकादशी के पावन दिन पर घर में पूरी तरह सात्विक माहौल होना चाहिए. इस दिन मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन या किसी भी तरह के तामसिक भोजन का प्रयोग घर में भूलकर भी न करें. इसके साथ ही मसूर की दाल, बैंगन और मूली खाने से भी परहेज करना चाहिए.
वाद-विवाद, क्रोध और अपशब्दों से बचें
एकादशी का व्रत केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी पवित्र रहने का पर्व है. इस दिन किसी पर क्रोध न करें, किसी की चुगली या बुराई करने से बचें और न ही किसी को अपशब्द कहें. घर में शांति का माहौल रखें, क्योंकि जहां क्लेश होता है, वहां से माता लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती हैं.
दिन में सोने से बचें
शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन व्रती को दिन के समय सोने से बचना चाहिए. इस दिन आलस्य का त्याग कर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप, कीर्तन या धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना चाहिए. साथ ही, रात्रि जागरण का भी इस व्रत में विशेष महत्व माना गया है.
एकादशी के दिन क्या करें?
दान-पुण्य करें
योगिनी एकादशी पर किसी जरूरतमंद को अन्न, जल, पीले वस्त्र या छतरी का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है.
पीली चीजों का भोग
भगवान विष्णु को पीले फूल, पीला चंदन और केले का भोग लगाएं. ध्यान रहे कि भोग में पहले से तोड़ा हुआ तुलसी दल जरूर शामिल हो.
क्षमा याचना
व्रत के समापन पर या पूजा के अंत में भगवान से अपनी अनजानी भूलों के लिए क्षमा जरूर मांगें.
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