Rang Panchami 2026: रंग पंचमी कल, जानें इस दिन क्यों देवी-देवताओं को अर्पित करते हैं अबीर-गुलाल

Rang Panchami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 7 मार्च को शाम 7 बजकर 17 मिनट से लेकर 8 मार्च को रात 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगी. ऐसे में रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च दिन रविवार को मनाया जाएगा.

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रंग पंचमी पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को रंग-गुलाल अर्पित करने की परंपरा है. (Photo: ITG) रंग पंचमी पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को रंग-गुलाल अर्पित करने की परंपरा है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:17 PM IST

चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. रंग पंचमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को रंग-गुलाल अर्पित करने की परंपरा है. इसलिए इसे देवताओं की होली भी कहा जाता है. इस दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा भी विशेष रूप से की जाती है. भगवान को गुलाल, अबीर चढ़ाया जाता है और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. देवी-देवताओं को अबीर-गुलाल अर्पित करने से कुंडली दोष कम होते हैं और सुख-समृद्धि बढ़ती है. इस दिन कई जगहों पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं. भव्य जुलूस निकाले जाते हैं. ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई देती है और संगीत कार्यक्रमों से माहौल उत्सवमय हो जाता है.

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रंग पंचमी 2026 की तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 7 मार्च को शाम 7 बजकर 17 मिनट से लेकर 8 मार्च को रात 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगी. ऐसे में रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च दिन रविवार को मनाया जाएगा.

रंग पंचमी 2026 पूजा विधि

रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की पूजा करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है. आप विष्णु और लक्ष्मी जी की संयुक्त पूजा भी कर सकते हैं. इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. सवेरे जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. फिर एक चौकी पर राधा-कृष्ण की मूर्ति स्थापित करें. भगवान को पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें फूल, माला और फल अर्पित करके सुंदर श्रृंगार करें. इसके बाद भगवान को अबीर-गुलाल चढ़ाएं. पीला चंदन और अक्षत अर्पित करें. भोग लगाएं. पूजा के दौरान दीपक और धूप जलाकर मंत्रों का जाप करें और भगवान की आरती उतारें.

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भगवान को कौन से रंग का गुलाल चढ़ाएं?

लाल रंग- लाल रंग को ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में इसे मंगल और सूर्य से जुड़ा हुआ रंग बताया गया है. यदि यह रंग अनुकूल हो तो व्यक्ति में आत्मविश्वास, साहस और अच्छा स्वास्थ्य देखने को मिलता है. यदि आपके काम नहीं बन रहे और आत्मविश्वास में गिरावट आ रही है तो भगवान को इसी रंग का गुलाल चढ़ाएं.

पीला रंग- पीला रंग शुभता और मंगल कार्यों से जुड़ा हुआ माना जाता है. ज्योतिष में इसे देवगुरु बृहस्पति का रंग कहा गया है. विवाह और अन्य शुभ कार्यों में बृहस्पति की विशेष भूमिका मानी जाती है. यदि आपके शुभ-मांगलिक कार्यों या फिर संतान की शिक्षा में कोई रुकावट आ रही है तो भगवान को पीले रंग का गुलाल अर्पित करें.

हरा रंग- हरा रंग समृद्धि, शांति और संतुलन का प्रतीक माना जाता है. इसे सद्भावना का रंग भी कहा जाता है. ज्योतिष में इसका संबंध बुध ग्रह से बताया गया है. यदि आपकी वाणी-बुद्धि संतुलित नहीं है और उसके कारण आपको बहुत नुकसान झेलना पड़ रहा है तो रंग पंचमी के दिन भगवान को हरे रंग का गुलाल चढ़ाएं.

नीला रंग- वास्तु और ज्योतिष दोनों में नीले रंग को विशेष महत्व दिया गया है. यह रंग सुरक्षा, सत्य और विचारशीलता से जुड़ा माना जाता है. ज्योतिष में इसे शनि ग्रह का रंग बताया गया है. अपने जीवन में किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए भगवान को नीले रंग का गुलाल चढ़ाएं.

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