Chandra Grahan: अगस्त में लगेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण, रक्षा बंधन पर क्या होगा इसका असर ?

Chandra Grahan 2O26: 28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. जानिए क्या रक्षाबंधन पर इस ग्रहण का साया रहेगा, भारत में इसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं.

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यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में आकार लेगा. यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में आकार लेगा.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:22 PM IST

l Lunar Eclipse: साल 2026 का यह चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) होगा, जिसमें चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया के पीछे छिप जाएगा कुछ समय के लिए गहरे लाल रंग का दिखाई देगा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है. यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में आकार लेगा, जिससे इस राशि के जातकों पर सीधा असर देखने को मिलेगा. 

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क्या भारत में दिखाई देगा यह ग्रहण?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के कुछ हिस्सों में पूरी तरह दिखाई देगा. भारत की बात करें तो यहाँ यह ग्रहण आंशिक रूप से या बेहद कम समय के लिए केवल कुछ ही हिस्सों में दिखाई दे सकता है.  दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में यह सीधे तौर पर नजर नहीं आएगा. 

सूतक काल मान्य होगा या नहीं?
शास्त्रों के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से ठीक 9 घंटे पहले लग जाता है. लेकिन धार्मिक नियमों के मुताबिक, सूतक काल केवल उसी स्थिति में प्रभावी और मान्य होता है जब ग्रहण अपने देश में नग्न आंखों से साफ दिखाई दे. चूंकि 28 अगस्त को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में पूरी तरह अदृश्य या नगण्य रहेगा, इसलिए यहां सूतक काल के नियम मान्य नहीं होंगे. आप बिना किसी डर या संशय के अपने सभी मांगलिक और धार्मिक कार्य कर सकते हैं. 

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रक्षाबंधन पर क्या पड़ेगा इसका असर?
साल 2026 में रक्षाबंधन का त्योहार भी 28 अगस्त को ही मनाया जाएगा. कई लोगों में असमंजस है कि क्या ग्रहण के कारण राखी बांधने के समय में कोई बदलाव होगा? आपको बता दें कि यह ग्रहण भारत में प्रभावी न होने के कारण रक्षाबंधन के पर्व पर इसका कोई नकारात्मक साया या रुकावट नहीं होगी. बहनें अपने भाइयों की कलाई पर हमेशा की तरह शुभ मुहूर्त देखकर बेझिझक राखी बांध सकेंगी. 

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
भले ही भारत में इसका सूतक काल मान्य न हो, लेकिन खगोलीय घटना के कारण वातावरण में ऊर्जा का उतार-चढ़ाव होता है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की अवधि में घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है.  इसके अलावा, ग्रहण खत्म होने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करना और दान-पुण्य करना हमेशा बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है. 

साल 2028 में दिखेगा ब्लू मून
नासा और खगोलीय वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि आप पूर्ण चंद्र ग्रहण का असली और अद्भुत नजारा देखना चाहते हैं, तो इसके बाद 31 दिसंबर 2028 की तारीख बेहद ऐतिहासिक होने वाली है. साल 2028 के आखिरी दिन (31 दिसंबर) को एक बेहद दुर्लभ पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा.  खास बात यह है कि उस रात ब्लू मून (एक ही महीने का दूसरा फुल मून) भी होगा, जिसे पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत के भी कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर देखा जा सकेगा.

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