अधिक मास चल रहा है जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. ऐसे में ब्रजभूमि के बरसाना और नंदगांव में पारंपरिक होली महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद भक्त रंग, गुलाल और राधा-कृष्ण भक्ति के रस में डूबे नजर आए. ढोल-मंजीरों के साथ लोगों ने जमकर डांस किया और भगवान के भजन गाए.
इस विशेष आयोजन में नंदगांव और बरसाना के गोस्वामी समाज के लोगों ने ब्रज की पारंपरिक होली और रसिया पदों का सामूहिक गायन किया. जैसे ही मंदिर में होली गायन शुरू हुआ, पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा. 'रंगन रंगीलो रस भरो' और अन्य पारंपरिक ब्रज गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते दिखाई दिए. मंदिर परिसर में लगातार जयकारे गूंजते रहे और भजन-कीर्तन चलता रहा.
देश-विदेश से आए श्रद्धालु
होली महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं पर अबीर, गुलाल और रंगों की जमकर वर्षा की गई. इसके साथ ही, पुष्पों की वर्षा ने माहौल को और अधिक दिव्य बना दिया. भीषण गर्मी के बीच अचानक रंगों और फूलों से सजा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं को ब्रज की पारंपरिक होली का अनुभव करा रहा था. देश-विदेश से आए कई भक्त इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते दिखाई दिए.
करीब दो घंटे तक चले इस आयोजन में मंदिर परिसर पूरी तरह श्रद्धालुओं से भरा रहा. भक्त 'श्री कृष्ण कन्हैया लाल की जय' के जयकारों के साथ भक्ति में लीन दिखाई दिए. गोस्वामी समाज द्वारा प्रस्तुत किए गए पारंपरिक होली गीतों और रसिया ने लोगों को ब्रज की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम किया.
ब्रज क्षेत्र के संतों और श्रद्धालुओं के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में राधा-कृष्ण की भक्ति और धार्मिक उत्सवों में शामिल होना विशेष पुण्यदायी माना जाता है. यही कारण है कि अधिक मास के दौरान बरसाना, नंदगांव, वृंदावन और गोवर्धन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. नंदगांव के कृष्ण-बलराम मंदिर में आयोजित यह होली महोत्सव भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा.
मदन गोपाल शर्मा