महायुद्ध में खुद को धुरंधर साबित करने की होड़़ अमेरिका और ईरान के बीच 37 दिन से चल रही है. इस वक्त अमेरिका हो या ईरान, दोनों एक दूसरे पर इतना वार कर चुके हैं कि वो घायल भी हैं और इसीलिए घातक भी होते जा रहे हैं. जहां सबसे ज्यादा घायल होने की वजह से घातक मोड में अमेरिका नजर आ रहा है. वो अमेरिका जिसकी सुपर पावर वाली छवि को ईरान ने 37 दिन के भीतर ड्रोन से लेकर मिसाइल तक से छलनी किया है. वो अमेरिका जिसके फाइटर जेट तक ईरान के हमले में जमीं पर गिरते देखे गए हैं. ट्रंप की युद्धनीति को घाव केवल ईरान ही नहीं दे रहा, महंगाई की टीम, अपनों का विरोध और टीम में फूट का दर्द भी ट्रंप को ही उठाना पड़ रहा है. इसीलिए घायल ट्रंप के घातक बन जाने का अंदेशा बढ़ता जा रहा है.