आज दुनिया राहत की सांस ले रही है. क्योंकि जो ट्रंप आज सुबह ईरान की सभ्यता मिटा देने की चेतावनी दे रहे थे. उन्होंने ईरान के साथ मिलकर सीजफायर का सूरज उगाया है. लेकिन सवाल है कि 14 दिन के सीजफायर के आगे क्या है? सवाल है कि क्या ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध विराम करके खाड़ी के देशों और इजरायल को बीच लड़ाई में झटका दे दिया है? क्या होर्मुज को लेकर सीजफायर के बावजूद अभी पेच बहुत बाकी हैं. सारे जवाबों से खबरदार करेंगे. लेकिन पहले बात पिछले 40 दिनों में दुनिया ने क्या क्या देखा. 1- अमेरिका की प्रतिष्ठा को युद्ध के मैदान से लेकर राष्ट्रपति की जुबान तक तार तार होते देखा. 2- ईरान को अपने से सौ गुना ज्यादा ताकत वाले अमेरिका-इजरायल से अकेले लड़़ते देखा. 3- दुनिया ने देखा कि कैसे कुछ लाख के ड्रोन से करोड़ों की मिसाइल को नष्ट कराया जा सकता है. 4- अमेरिका का घमंड यानी लड़ाकू विमान F-35 को दुनिया ने इसी महायुद्ध में क्षतिग्रस्त होते देखा है. 5- 20 साल बाद अमेरिकी लड़ाकू विमान युद्ध मे गिरते देखे गए, ये दावा है. 6- उस होर्मुज पर तेल की नाकाबंदी भी इसी महायुद्ध में देखी गई, जिसका युद्ध से पहले कोई लेना देना तक नहीं था. 7- 40 दिन में ये तक हो गया कि ईरान और रूस के तेल पर प्रतिबंध हटते देखा गया. 8- रूस-चीन-ईरान की जंग में जुगलबंदी पहली बार ऐसी देखी गई. जब नाटो देश इनके सामने ट्रंप से पल्ला झाड़कर अलग हो गए. 9- कच्चे तेल के दाम साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे. 10- तो इसी युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया को मिसाइल पर मिसाइल टेस्ट करते देखा गया. 11- और फिर इसी युद्ध के दौरान परमाणु बम को सुरक्षा की गारंटी मानते-बनते भी देखा गया.