16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.