हुमायूं कबीर को टीएमसी से निकाले जाने की वजह बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान ही था. 6 दिसंबर को हुमायूं कबीर अयोध्या की तर्ज पर मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले थे, और उससे ठीक पहले सस्पेंड कर दिए गए. हुमायूं कबीर भरतपुर से विधायक हैं. अब हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी बना ली है, जनता उन्नयन पार्टी. और, आने वाले चुनाव में ममता बनर्जी के सामने बड़ी चुनौती पेश करने का दावा किया है.
6 दिसंबर, 2025 को नींव तो प्रतीकात्मक ही रखी गई थी. मंच से फीता काटकर. साइट पर लोगों के हाथों में ईंटे लेकर जाते हुए भी देखा गया था - और, उसके बाद से 11 फरवरी दोपहर में मस्जिद निर्माण का काम शुरू किए जाने के बारे में बताया गया.
हुमायूं कबीर की तरफ से बाबरी मस्जिद के निर्माण का माहौल ऐसे दौर में बना है, जब कुछ ही दिनों में पश्चिम बंगाल में चुनाव होने वाले हैं, और करीब साल भर बाद उत्तर प्रदेश में भी. बाबरी मस्जिद का अयोध्या कनेक्शन चुनावी राजनीति में काफी अहम हो जाता है.
हुमायूं कबीर का बाबरी प्रोजेक्ट
जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर के मुताबिक, मस्जिद निर्माण को लेकर धार्मिक कार्यक्रम में किसी भी वीआईपी को नहीं बुलाया गया है. कार्यक्रम में सिर्फ कुरान के हाफिज, मौलाना, कारी और मुफ्ती जैसे धार्मिक विद्वानों को ही बुलाया गया है. पहले 1000 से ज्यादा मौलाना, मुफ्ती और धर्मगुरु कुरान-ए-पाक की तिलावत करेंगे - और उसके बाद मस्जित निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
हुमायूं कबीर पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि अयोध्या की तर्ज पर ही बाबरी मस्जिद जैसी संरचना का निर्माण होगा. मस्जिद के करीब दो साल में बन कर पूरा हो जाने का लक्ष्य रखा गया है. मस्जिद निर्माण पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. बताते हैं कि अभी तक मस्जिद के लिए करीब 6 करोड़ रुपये का ही चंदा इकट्ठा हो पाया है.
एक तरफ पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर का बाबरी मस्जिद प्रोजेक्ट चल रहा है, दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में भी बहस शुरू हो गई है. बहस के कई हिस्से जगह जगह दिखाई पड़ रहे हैं. संसद में अखिलेश यादव ने रामानंद सागर के रामायण में भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले बीजेपी सांसद अरुण गोविल के बहाने अयोध्या की तरफ ध्यान खींचा, तो उनके ही इलाके इटावा के मौलाना जर्जिश अंसारी ने पश्चिम बंगाल के एक कार्यक्रम में अपनी तकरीर से अलग ही बहस छेड़ दी है - और जब बाबरी मस्जिद को लेकर इतना सब होगा तो यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैसे जाने देंगे.
पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण का काम हुमायूं कबीर का कितना फायदा दिला पाता है, कुछ ही महीनों में मालूम हो जाएगा. जब पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आएंगे, लेकिन मौजूदा दौर की बहस का असर अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों में भी देखी जा सकती है - वैसे हुमायूं कबीर ने योगी आदित्यनाथ को बीजेपी के चुनाव कैंपेन के लिए मसाला तो दे ही दिया है.
बंगाल के बाबरी प्रोजेक्ट का यूपी कनेक्शन, और रिएक्शन
सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो से मौजूदा बहस को और हवा मिल रही है. ये वीडियो 25 दिसंबर का बताया जाता है. वीडियो में यूपी के मौलाना जर्जिश अंसारी पश्चिम बंगाल के एक कार्यक्रम में यूपी में मुस्लिम समुदाय की स्थिति के बारे में अपना ऑब्जर्वेशन पेश कर रहे हैं. मौलाना जर्जिश अंसारी का आरोप है कि यूपी मुसलमानों के लिए सुरक्षित नहीं है. बल्कि, सेफ्टी के हिसाब से पश्चिम बंगाल बेहतर है. कह रहे हैं, यूपी में सैकड़ों मदरसों पर बुलडोजर से कार्रवाई की जा रही है, और मस्जिदों में रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर रोक है.
वीडियो में मौलाना जर्जिश अंसारी कह रहे हैं, अयोध्या में जिस स्थान पर राम मंदिर बना है, वहां कयामत तक बाबरी मस्जिद ही रहेगी... और वे उस स्थान पर मंदिर को कभी स्वीकार नहीं करेंगे.
मौलाना जर्जिश अंसारी की कयामत वाली बात यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक भी पहुंचती है. बाराबंकी के एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ के मुंह से प्रतिक्रिया भी सुनने को मिल जाती है, सरकार जो बोलती है करके दिखाती है, जितना करती है, उतना ही बोलती है. हमने कहा था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे... आज वहां मंदिर बन चुका है. कोई संदेह है?
1. योगी आदित्यनाथ कहते हैं, जो कयामत के दिन आने का सपना देख रहे हैं, ऐसे ही सड़ गल जाएंगे... कभी वह दिन आने वाला नहीं है. हम आज फिर इस बात को कह रहे हैं कि कयामत का दिन तो कभी आना नहीं है, बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी होना ही नहीं है.
2. लगे हाथ चेतावनी भी दे डालते हैं, कायदे से रहना सीखो तो फायदे में रहोगे, नहीं तो रास्ता जहन्नुम की ओर जाता है... कानून तोड़कर जन्नत जाने का सपना देखने वालों को सपना कभी पूरा नहीं होगा. भारत में कानून का उल्लंघन करने वालों को जन्नत नहीं बल्कि जहन्नुम का रास्ता मिलेगा.
हुमायूं कबीर की तरफ से भी जवाब आता है, योगी आदित्यनाथ को बोलने दीजिए, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं, और यहां संविधान के अनुसार सभी को अपने अधिकार प्राप्त हैं. हुमायूं कबीर का कहना है कि भारतीय संविधान उन्हें मस्जिद बनाने का पूरा अधिकार देता है.
जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर का कहना है, 'यह न तो लखनऊ है, और न ही उत्तर प्रदेश... यह बंगाल है, यह मुर्शिदाबाद है, और यहां मैं निश्चित तौर पर मस्जिद बनाऊंगा.
हुमायूं कबीर ने चुनौती देते हुए कहा है कि अगर कोई उन्हें मस्जिद बनाने से रोकना चाहता है, तो वह कोशिश करके देख सकता है. वह किसी दबाव या धमकी से डरने वाले नहीं हैं और संविधान के तहत मिले अधिकारों का पूरा इस्तेमाल करेंगे.
रिएक्शन की बात करें, तो यूपी से कई गाड़ियों में सवार होकर कुछ लोगों के मुर्शिदाबाद रवाना होने की खबर आ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, गोंडा और आस पास के इलाकों के विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ताओं को लखनऊ में पुलिस ने रोक लिया. रोके जाने पर कार्यकर्ता भगवा झंडा के साथ हाथों में कुल्हाड़ी और फावड़ा लेकर प्रदर्शन किया.
मृगांक शेखर