मध्य प्रदेश के मिनी मुंबई यानी इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है. लोकायुक्त की टीम ने महिला और बाल विकास विभाग के जॉइंट डायरेक्टर लक्ष्मीनारायण कंडवाल के घर, जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर सहित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. पहले दिन जहां 9.5 करोड़ की प्रॉपर्टी का अनुमान था, वहीं जांच आगे बढ़ने पर अधिकारी और उसके परिवार की कुल बेहिसाब संपत्ति का आंकड़ा 11 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
लोकायुक्त पुलिस की पूछताछ के दौरान जब 61 साल के अफसर लक्ष्मीनारायण कंडवाल से आय और खर्च के बीच के इस भारी अंतर पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बेहद हास्यास्पद तर्क दिया. कंडवाल ने दावा किया कि उनकी पत्नी घर पर सिलाई और बुनाई का काम करती हैं और यह करोड़ों रुपये की संपत्ति उसी सिलाई की कमाई से अर्जित की गई है.
लोकायुक्त इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास ने बताया कि इस दावे की सच्चाई का पता लगाने के लिए अब कंडवाल की पत्नी के पिछले कई वर्षों के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) और बैंक खातों की गहनता से जांच की जाएगी.
इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास ने बताया कि उन्हें कंडवाल के खिलाफ शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति जमा की है.
वैध आय 2.8 करोड़, खर्च कर डाले 11 करोड़
मिठास ने कहा कि कंडवाल की कुल ज्ञात आय का अनुमान 2.8 करोड़ रुपये है, जिसमें उनके करियर के दौरान मिली 2.5 करोड़ रुपये की सरकारी सैलरी और 30 लाख रुपये की कृषि आय शामिल है. उन्होंने कहा कि जांच में अब तक कंडवाल और उनके परिवार की 10.83 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति का पता चला है.
अधिकारी ने बताया कि कंडवाल के घर से मिली चीजों की कीमत 38.49 लाख रुपये आंकी गई है. उनके बैंक लॉकर से बरामद सोने और चांदी के गहनों की कीमत लगभग 24.76 लाख रुपये है.
विभागीय स्टोर में रखी चीजों की कीमत 35.73 लाख रुपये है, जबकि जिम में रखे बिजली के उपकरणों और अन्य सामान की कीमत 2.71 लाख रुपये आंकी गई है. कंडवाल के घर से 4.89 लाख रुपये के गहने भी बरामद किए गए.
लोकायुक्त अधिकारी ने कहा, "कंडवाल और उनके परिवार ने अपनी 2.8 करोड़ रुपये की वैध आय के मुकाबले लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. यह एक सरकारी अधिकारी की आय से लगभग चार गुना अधिक है."
पूछताछ के दौरान, कंडवाल ने अपनी पत्नी को भी परिवार की आय का स्रोत बताया. उन्होंने दावा किया कि वह सिलाई-बुनाई से पैसे कमाती थीं. अधिकारी ने कहा, "इस दावे की पुष्टि के लिए कंडवाल की पत्नी के इनकम टैक्स रिटर्न की जांच की जाएगी."
डिपार्टमेंटल स्टोर का संचालन कंडवाल के दो बेटे करते हैं, जबकि उन्हें जिम संचालक से किराए के तौर पर हर महीने लगभग 1.25 लाख रुपये मिलते हैं.
कंडवाल और उनके परिवार के बैंक खातों से होने वाले लेन-देन पर रोक लगा दी गई है और बैंकों से जानकारी मिलने के बाद उनकी संपत्ति का विस्तृत आकलन किया जाएगा.
पुलिस अधिकारी के अनुसार, कंडवाल लगभग छह महीने में रिटायर होने वाले हैं. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच चल रही है. (इनपुट एजेंसी से भी)
धर्मेंद्र कुमार शर्मा