क्यों 'बम' से कम नहीं है चाइनीज मांझा? बिजली कंपनी ने जारी किया अलर्ट

Chinese Manjha Danger: मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने चेतावनी दी है कि एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज लाइनों पर चीनी मांझा फंसने से न केवल ब्लैकआउट हो सकता है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकता है.

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चाइनीज मांझे के खिलाफ चलेगा जागरूकता अभियान.(Photo:ITG) चाइनीज मांझे के खिलाफ चलेगा जागरूकता अभियान.(Photo:ITG)

aajtak.in

  • उज्जैन ,
  • 22 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST

उज्जैन शहर और आसपास के क्षेत्रों में चीनी मांझा एक्सट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है. पतंगबाजी के दौरान चीनी मांझा 132 केवी और 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों पर फंसने से न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुरक्षा पर भी सीधा असर पड़ने के साथ ही पतंग उड़ाने वाले के लिए भी यह घातक हो सकता है.

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मानव जीवन के साथ ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) उज्जैन में विशेष जागरूकता अभियान चलाएगी, जिसमें इसके खतरे और बचाव के उपायों के संबंध में बताया जाएगा.

एमपी ट्रांसको उज्जैन के कार्यपालन अभियंता धन सिंह भलावी ने बताया कि चीनी मांझा ट्रांसमिशन लाइन के लिए इसलिए खतरनाक होता है कि यह धात्विक लेप युक्त होता है जो विद्युत का अच्छा चालक होता है. जब यह एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आता है तो लाइन ट्रिपिंग, फ्लैशओवर और शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियां बन जाती हैं.

इससे इंसुलेटर, जम्पर और कंडक्टर जैसे संवेदनशील उपकरण क्षतिग्रस्त होते हैं और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो जाती है. साथ ही चीनी मांझा ट्रांसमिशन प्रणाली के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है.

उज्जैन में यह क्षेत्र हैं संवेदनशील

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पिछले कुछ वर्षों में उज्जैन में चीनी मांझे के कारण कई बार ट्रांसमिशन लाइनें ट्रिप हुई हैं. उज्जैन शहर क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों की कम से कम दो बार ट्रिपिंग के साथ विद्युत दुर्घटनाओं की घटनाएं भी सामने आई हैं.

मकर संक्रांति के नजदीक आते ही पतंगबाजी के लिए मांझा तैयार होने लगा है.(Photo:PTI)

विशेष रूप से पंवासा क्षेत्र से गुजरने वाली 132 केवी उज्जैन-रतड़िया और 132 केवी उज्जैन-भैरूगढ़ ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे और आसपास अवैध निर्माण पाए गए हैं.

इन क्षेत्रों में लाइन के ठीक नीचे मकान बने होने से जोखिम और अधिक बढ़ गया है. प्रतापनगर, महावीरनगर, पंवासा, पांड्याखेड़ी, सेठीनगर और वागेश्वर धाम जैसे इलाके चीनी मांझे के कारण ट्रांसमिशन दुर्घटनाओं की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माने गए हैं.

चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
भलावी ने जानकारी दी कि एमपी ट्रांसको द्वारा उज्जैन शहर के क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे. इसके माध्यम से नागरिकों को ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास पतंग न उड़ाने, चीनी मांझे का उपयोग न करने और विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

एमपी ट्रांसको ने नागरिकों से अपील की है कि ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा में सहयोग करें, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही बड़े हादसे और व्यापक बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण बन सकती है.

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