मध्य प्रदेश पुलिस का एक ऐसा मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया है, जिसकी चारों तरफ जमकर तारीफ हो रही है. राजधानी भोपाल के पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. कार्यालय परिसर में अपनी किसी प्रशासनिक समस्या या काम से पहुंचे एक युवक को अचानक दिल का दौरा (कार्डियक अटैक) पड़ गया. युवक को तड़पता देख वहां मौजूद दो पुलिस आरक्षकों ने तुरंत मोर्चा संभाला और त्वरित प्राथमिक चिकित्सा (CPR) देकर उसकी जान बचा ली.
दरअसल, देवेंद्र सक्सेना नाम के एक शख्स आज किसी काम से भोपाल के पुलिस कमिश्नर कार्यालय आए हुए थे. इसी दौरान अचानक उनकी छाती में तेज दर्द उठा और वे बेसुध होकर गिरने लगे. उन्हें दिल का दौरा पड़ता देख आसपास के लोग सहम गए और परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
रंजीत और मुकेश ने 5 मिनट तक दिया CPR
देवेंद्र सक्सेना को अचेत अवस्था में देख पास ही तैनात कांस्टेबल रंजीत रघुवंशी और आरक्षक मुकेश साहू तुरंत दौड़कर उनके पास पहुंचे. दोनों जवानों ने स्थिति की गंभीरता और मेडिकल इमरजेंसी को तुरंत भांप लिया. दोनों जवानों ने बिना वक्त गंवाए देवेंद्र को जमीन पर लिटाया और सीपीआर देना शुरू किया. दोनों आरक्षकों ने करीब 5 मिनट तक लगातार पूरी तकनीकी सटीकता के साथ देवेंद्र की छाती को पंप किया और कृत्रिम सांसें दीं. जवानों की इस कोशिश का असर हुआ और कुछ ही मिनटों में देवेंद्र सक्सेना की थमती हुई सांसें दोबारा बहाल हो गईं और उन्हें नई जिंदगी मिल गई. देखें VIDEO:-
आरआई ने अपने वाहन से पहुंचाया अस्पताल
युवक की सांसें वापस आने के बाद भी खतरा टला नहीं था, उन्हें तुरंत चिकित्सा की जरूरत थी. ऐसे में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आरआई जयसिंह तोमर ने अपनी तत्परता दिखाई. उन्होंने एंबुलेंस का इंतजार करने में समय बर्बाद करने के बजाय, तुरंत अपनी गाड़ी निकाली और घायल देवेंद्र सक्सेना को उपचार के लिए शहर के अनंत हॉस्पिटल पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों की टीम तुरंत उनके इलाज में जुट गई है और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है.
धर्मेंद्र साहू